टेक्नोलॉजी

AI का नया खतरा: डेटा चोरी से भी बड़ी होगी आपकी निजी जानकारियों के 'अनुमान' से जुड़ी प्राइवेसी की चिंता

(फोटो: IANS)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारी निजता के लिए एक ऐसा खतरा पैदा कर रहा है जो सीधे तौर पर डेटा चोरी या लीक होने से भी बड़ा हो सकता है। रिसर्च और सलाहकार फर्म गार्टनर की एक…

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समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली इस रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक हम प्राइवेसी का मतलब व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी (PII) को सुरक्षित रखना समझते थे। लेकिन जेनरेटिव AI और…

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गार्टनर के वाइस प्रेसिडेंट एनालिस्ट बार्ट विलेमसन ने इस बदलाव को समझाते हुए कहा, "दुनिया अब डेटा एक्सपोजर से इनसाइट एक्सपोजर की ओर बढ़ रही है।" इसका मतलब है कि भविष्य में…

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इस तरह के हमलों को 'इनफरेंस अटैक' (अनुमान पर आधारित हमला) कहा जाता है। ये पारंपरिक साइबर सुरक्षा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं क्योंकि इनमें कोई डेटा लीक नहीं होता…

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रिपोर्ट का अनुमान है कि 2028 तक कंपनियाँ डेटा की गोपनीयता पर जितना खर्च करेंगी, लगभग उतना ही पैसा उन्हें AI द्वारा बनाई गई गलत, पक्षपातपूर्ण या अनधिकृत प्रोफाइल से बचने क…

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गार्टनर ने स्पष्ट किया है कि जो संगठन अब भी निजता को सिर्फ डेटा सुरक्षा का मामला मानकर चल रहे हैं, वे आने वाले वर्षों में AI आधारित अनुमानों से जुड़े जोखिमों के प्रति सबस…

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