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जानिए क्या भारतीय इतिहास से छेड़छाड़ हुई है?

(फोटो: IANS)

अगर बात करें इतिहास के छेड़छाड़ को लेकर, तो जी हां यह बिल्कुल सही बात है कि भारत के इतिहास के साथ बहुत ज्यादा छेड़छाड़ की गई है. उपनिवेशवाद के दौर में ब्रिटिश लोगों ने हिन्दुस्तान पर अपनी हुकूमत को दी…

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इससे भी अधिक हैरत वाली बात तो यह है कि आजादी के बाद भी हमारे देश के इतिहासकारों ने लिखा और जनता के समक्ष प्रस्तुत किया इतिहास के साथ हुई इसी छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप विभिन्न सामाजिक विषमताओं और बुराइय…

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आप आज भी ग्रामीण परिवेश में लोगों को किसी तरह के सामजिक और बौद्धिक परिचर्चा में ‘पौराणिक आख्यानों’ का प्रमाण देते हुए देख सकते हैं. राजा बली, भगवान राम, कृष्ण या अन्य पौराणिक किरदारों को लोग मिथक के र…

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भारत में रूचि लेने वाले जर्मन और ब्रिटिश इतिहासकार इस बात को पचा नहीं पा रहे थे कि दुनिया में ज्ञान और चेतना की पहली किरण एक गैर-क्रिश्चियन खंड में फूटी. अपनी इसी ‘कुंठा’ को शांत करने के लिए पश्चिमी व…

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आजादी के बाद इन्ही ‘अंगरेजी’ शिक्षा प्राप्त ‘तथाकथित शिक्षितों’ ने यूरोपीय कृत “हिस्ट्री” को प्रसारित करने में महान सहयोग उपलब्ध कराया. ग्रामीणों के प्रति हिकारत भरे अंगरेजी दृष्टिकोण को शहरी और प्रगत…

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