भारतीय कानून में बदलाव होने जा रहे है, जिसके तहत जघन्य अपराध में शामिल होने पर नाबालिग पर ऐडल्ट की तरह केस चलाया जा सकता है।। इसमें जुवेनाइल जस्टिस ऐक्ट में बदलाव किए जाएंगे।
इसके लिए सरकार नियमों में बदलाव की प्लानिंग कर रही है, इस बदलाव में जघन्य अपराध की श्रेणी को फिर से वर्गीकृत किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंत्रियों की बैठक में इसपर चर्चा हुई।
इस मुद्दे को लेकर कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद, महिला विकास मंत्री स्मृति ईरानी, विदेश मंत्री एस रविशंकर, हरसिमरत सिंह बादल और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन शामिल थे। मंत्रियों की यह बैठक सुप्रीम कोर्ट क…
कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि जो क्राइम रेप, मर्डर या आतंकवाद की श्रेणी में नहीं आते लेकिन उनमें सजा 7 साल या उससे ज्यादा है उनकी श्रेणी तय की जाए। सुझाव दिया गया था कि इन्हें भी गंभीर क्राइम की श्रेणी…
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बता दें कि जेजे ऐक्ट 2015 के मुताबिक, 'जघन्य अपराध' वे हैं जिसमें कम से कम सजा सात साल है। मीटिंग में इसपर भी चर्चा हुई कि जघन्य अपराधों में नाबालिगों का इस्तेमाल बढ़ गया है।
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