को ही ज्यादा से ज्यादा भरकर रखने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नही है, पानी का मसला राष्ट्र पर सबसे बड़ा खतरा है. सब कुछ
छोड़ देश चुनाव में जुट गया. बता दें कि देश में पानी को लेकर इमरजेंसी जैसे हालात
बनती जा रही हैं. सरकारी तौर पर अभी सिर्फ महाराष्ट्र और गुजरात के हालातों की
जानकारी है कई जगहों पर हालातों का ही पता नही चल पाता. वरना हकीकत ये
है कि बुंदेलखंड में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं.
देश को मैनेज हर सरकार करती है चाहे देश के उद्योग व्यापार
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