अगर गलत तरीके से हैकिंग की जाए तो यह एक तरह से जुर्म होता है। लेकिन यह हैकिंग अगर सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए किया जाए तो हैकर्स को रिवॉर्ड मिल सकता है। ऐसा किया है गूगल ने।
दरअसल गूगल ने इंटरनेट को सुरक्षित रखने के लिए 2019 में करीब करीब 46.5 करोड़ रुपये की रकम हैकर्स को इनाम के तौर पर दी है।
कंपनी के वल्नरेबिलिटी रिवॉर्ड प्रोग्राम्स 'Vulnerability Reward Programs' (VRPs) में हैकर्स को गूगल प्रॉडक्ट्स में सिक्यॉरिटी फ्लॉ और बग्स का पता लगाने के बदले रिवॉर्ड दिए गए हैं।
इन प्रॉडक्ट्स में गूगल क्रोम से लेकर ऐंड्रॉयड तक शामिल हैं और ऐसा करने के पीछे गूगल का लक्ष्य अपने प्रॉडक्ट्स को यूजर्स के लिए सुरक्षित बनाना है।
2020 के बाद से ही अपने VRPs को अडिशनल गूगल प्रॉडक्ट एरिया के लिए बढ़ा दिया है, जिसमें क्रोम, ऐंड्रॉयड और प्रॉडक्ट्स के गलत इस्तेमाल को शामिल किया गया है।
गूगल ने कहा कि रिसर्चर्स की ओर से अब तक की सबसे ज्यादा करीब 3.56 करोड़ रुपये की रकम चैरिटी के लिए दी गई है। इनाम को लेकर गूगल ने कहा कि इनाम का मैक्सिमम बेसलाइन अमाउंट क्रोम के लिए 5,000 डॉलर से बढ़ाक…
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