हिन्दू धर्म से जुड़े हर पहलू का कोई न कोई मतलब जरूर होता है, ऐसे ही कोई न कोई ख़ास कारण जरूर है हिन्दू धर्म के भगवानो की सवारी होने के लेकिन आखिर क्यों सर्वशक्तिमान भगवानों को इन सवारियों की आवश्यकता प…
शिव और नंदी शिव भोलेभाले सीधे चलने वाले लेकिन कभी-कभी भयंकर क्रोध करने वाले देवता हैं तो उनका वाहन हैं नंदी यानी बैल। यह शक्ति, आस्था व भरोसे का प्रतीक होता है। इसके अतिरिक्त भगवान शिव का चरित्र मोह म…
मां दुर्गा और शेर दुर्गा तेज, शक्ति और सामर्थ्य की प्रतीक हैं तो उनके साथ सिंह है। शेर प्रतीक है आक्रामकता और शौर्य का। यह तीनों विशेषताएं मां दुर्गा के आचरण में भी देखने को मिलती है। यह भी रोचक है क…
भगवान विष्णु और गरुड़ गरुड़ प्रतीक है दिव्य शक्तियों और अधिकार का। भगवद् गीता में कहा गया है कि भगवान विष्णु में ही सारा संसार समाया है। सुनहरे रंग का बड़े आकार का यह पक्षी भी इसी ओर संकेत करता है। भग…
मां लक्ष्मी और उल्लू मां लक्ष्मी के वाहन उल्लू को सबसे अजीब चयन माना जाता है। कहा जाता है कि उल्लू ठीक से देख नहीं पाता, लेकिन ऐसा सिर्फ दिन के समय होता है। उल्लू शुभ समय और धन-संपत्ति के प्रतीक होते…
मां सरस्वती और हंस हंस को पवित्रता और जिज्ञासा का प्रतीक माना गया है जो ज्ञान की देवी मां सरस्वती के लिए सबसे बेहतर वाहन है। मां सरस्वती का हंस पर विराजमान होना यह बताता है कि ज्ञान से ही जिज्ञासा को…
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