वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की नई व्यवस्था के प्रस्तावित मुनाफाखोरी-रोधी प्राधिकरण की नजर केवल बड़े मामलो पर रहेगी। ऐसे मामले जो व्यापक स्तर पर लोगो को प्रभावित करते हो या जहाँ एक करोड़ रूपये या उससे ज्य…
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह देखने में दो से तीन महीने का समय लगेगा कि जीएसटी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है या नहीं। तब इस प्राधिकरण का गठन हो जायेगा। त्रिस्तरीय ढांचे के अनुसार, जीएसटी…
जो तीन महीने की अवधि में आदेश देगा। अधिकारी ने बताया कि जिन मामलो का राष्ट्रीय या सामूहिक असर पड़ता हो उन्हें प्राधिकरण देखेगा। ऐसे कई मामले जो जीआईसी के पास जायँगे, लेकिन प्राधिकरण उन्ही मामलो को देखे…
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने पिछले हफ्ते डिरेक्ट्रेट जनरल ऑफ़ सेफ गार्ड के तौर पर नियुक्त किया गया था। अगर पता चलता है कि किसी कम्पनी ने जीएसटी का लाभ आगे पास नहीं किया है तो मुनाफाखोरी-रोधी…
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