राजनीति

राम ''नीति'' का अंत

(फोटो: IANS)

अटल-आडवानी-जोशी यानि कि भाजपा के 3 आधार स्तम्भ. ये भाजपा के शुरूआती दौर की बात है जब सन चौरासी के चुनाव में नई भाजपा को मात्र 2 सीटें मिली थी, इसके बाद राममंदिर को लेकर विवाद, बाबरी विध्वंस जैसी घटनाए…

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2019 के लोकसभा चुनाव की अगर बात की जाय तो आडवानी जी का टिकट गांधीनगर से पहले ही कट चुका है, हाल ही में मुरली मनोहर जोशी जो की कानपुर से सांसद हैं इस बार टिकट नही दिया गया. अटल बिहारी वाजपेयी गुजर चुके…

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मोदी-शाह ने पूरे संगठन की संरचना ही बदल दी है, अब भाजपा की राजनीति पूरी तरह से इन्ही दो चेहरों से होकर गुजरती है, नए चेहरे, नयी नैतिकता, नया लिबास, नयी ब्रांडिंग लगभग सब-कुछ भाजपा में बदला जा चुका. भा…

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भाजपा की राजनीति अब राममंदिर से अलग दुसरे मुद्दों पर जिनमे बातें नरेंद्र मोदी की होंगी या विकास की मालूम नही. अब ये देखना दिलचस्प होगा की जिस तरह से अटल-आडवानी ने भाजपा को एक मकाम पर पहुचाया था, मोदी-…

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