लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाता सूचियों में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने की कवायद में जुटा निर्वाचन आयोग अब अंतिम प्रकाशन से पहले सूची में दर्ज डूप्लीकेट व मृतक वोटरों का पुन: सत्यापन कराएगा। इसके लिए वर…
जांच में सत्यापन कार्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र के बीएलओ संग सुपरवाइजर को इसका जिम्मेदार मान कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा। इसके बाद ही लोकसभा चुनाव को तैयार संशोधित मत…
उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य किसी भी मतदाता का नाम एक से अधिक विधान सभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज होने से रोकना है। आयोग स्तर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि एक सितंबर से संचालित चुनाव…
इसके बाद 30 जनवरी को प्रकाशित होने वाली पुनरीक्षित मतदाता सूचियों के अनंतिम प्रकाशन से पहले रेंडम आधार पर पुन: मतदाता सूचियों में से हटाए गए डूप्लीकेट, मृतक व शिफ्टेड वोटरों के नाम का सत्यापन विधानसभा…
रेंडम जांच के दौरान आयोग स्तर पर तैयार विशेष साफ्टवेयर के माध्यम से चिह्नित मतदान केंद्रों के ऐसे दस दस वोटरों के सत्यापन कार्य की जमीनी हकीकत परखी जाएगी। अगर इसमें पुनरीक्षण के दौरान कागजी सत्यापन के…
आयोग का साफ कहना है कि प्रस्तावित लोक सभा चुनाव में उपयोग आने वाली मतदाता सूचियों को शत प्रतिशत स्तर पर नाम पता आयु संग डुप्लीकेट वोटर विहीन बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। इसमें किसी भी स्तर पर लापर…
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