राजनीति

सरकार की विचारधारा से असहमति देशद्रोह होता है?

(फोटो: IANS)

पिछले काफी लंबे समय से इस बात पर बहस चल रही है कि सरकार ने यदि कोई फैसला लिया उसका विरोध करना या सरकार की विचारधार से अलग विचार रखना देशद्रोह कहा जा सकता है. इस बहस का आधार यह है कि सरकार यदि कोई कानू…

(फोटो: IANS)

भारत एक लोकतांत्रिक देश है. देश का संविधान सबको अपने विचार रखने की आजादी देता है. अलग-अलग लोगों की विचारधाराएं अलग-अलग हो सकते हैं. ऐसा संभव है कि किसी मुद्दे को कोई व्यक्ति किसी नजरिए से देखता है, दू…

(फोटो: IANS)

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के मामले में कहा कि सरकार की राय से अलग बोलना देशद्रोह नहीं होता है. ऐसा नहीं है कि कोर्ट की तरफ से इस तरह की यह पहली बात है. इससे पह…

(फोटो: IANS)

यह भी पढ़ें: क्या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत के संसाधन पर पहला हक अल्पसंख्यकों को देने को कहा था?

(फोटो: IANS)

वर्तमान समय में जबकि राजनीति इतनी हावी हो चुकी है. विरोधियों की आवाजों को दबाने के लिए देशद्रोह के कानून का प्रयोग किया जा सकता है. इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह टि…

(फोटो: IANS)

पूरी खबर News4Social पर पढ़ें

(फोटो: IANS)
पूरी खबर पढ़ें →