कृषि बहुत पुराना व्यवसाय है. प्राचीन भारत में भी लोगों के द्वारा बड़े स्तर पर कृषि की जाती थी. किसानों के हालात की बात करें, भारत के इतिहास की बात करें या वर्तमान की किसानों की हालात दयनीय बनी हुई हैं…
भारत के इतिहास की बात करें या वर्तमान की किसानों को अपनी फसलों के मूल्य स्वयं तय करने का अधिकार होता है. लेकिन यह सिर्फ एक पक्ष है. इसका व्यवहारिक पक्ष बिल्कुल अलग है. किसान अपने खेत में फसल उगाता है,…
इसी शोषण को रोकने के लिए सरकार द्वारा मंडी व्यवस्था की शुरूआत की गई थी ताकि साहूकार किसानों से जबरदस्ती औने-पौने दामों पर फसल को ना लें सकें. लेकिन मंडी व्यवस्था में MSP सरकार द्वारा तय किया जाता है.…
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किसानों की फसलों का मूल्य किसान अपने हिसाब से कभी तय नहीं किया. उसे बाजार की मांग को देखकर ही औन-पौने दामों पर हमेंशा अपनी फसल बेचनी पड़ी है. भारत की आजादी के बाद भी हालत ज्यादा नहीं बदले हैं. किसान क…
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