सरकार कोई भी दावे तो अनेक करती है लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही होती है. एसा ही कुछ दिल्ली कि केजरीवाल सरकार ने भी करके दिखाया है. देश के युवाओ को रोज़गार देने के लिए सरकार वादे तो बहुत करती है लेकिन जब…
दिल्ली सरकार ने रोजगार देने के लिए करोड़ो रूपए तो खर्च तो किये लेकिन नौकरी केवल 344 लोगों को ही मिल पाई. अरविंद केजरीवाल सरकार के रोजगार विभाग ने तीन साल में सिर्फ 344 बेरोजगारों को नौकरी दिलाई है. यह…
लगभग 3 लाख लोगों ने कराया था पंजीकरण, जिनमे 344 को मिली नौकरी
राजधानी के पांच रोजगार कार्यालयों में कुल 2.87 लाख नागरिकों ने पंजीकरण कराया था. इनमें से आठ हजार नाम नियोक्ताओं को भेजे गए. जिन 344 को नौकरियां मिलीं, उनमें से आधे (177) कंडक्टर, वॉटरमैन और टेम्प्…
नौकरी के लिए लगे मेलों पर खर्च हुए 33 लाख रूपए
विभाग ने इन तीन साल में 7 रोजगार मेले लगाए. दावा है कि इनमें 357 कंपनियां आईं. इन कंपनियों ने 78 हजार आवेदकों में से 30,680 को शॉर्टलिस्ट किया, मगर कितनों को नौकरी मिली, इसका जवाब विभाग के पास नहीं ह…
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