अनजान फोन कॉल, ईमेल या मैसेज पर जरा सी चूक आपकी सारी कमाई गंवा सकती है । साइबर अपराधी इन माध्यमों को रास्ता बनाकर आसानी से बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड खाली कर देते है । ऐसे कई अपराधों के लगातार…
साइबर अपराध के विशेषज्ञों के अनुसार देश में साइबर अपराधों के ऐसे मामले तेज़ी से बढ़ रहे है, जिनमे लोगो ने जालसाजों के झांसे में आकर अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय सूचनाएं देश में हर व्यक्ति को औसतन 22 अवांछ…
एक अन्य सर्वे रिपोर्ट कहती है कि मेट्रो शहरो कि तुलना में छोटे शहरो और कस्बो के बैंक ग्राहकों को हैकरों ने ज्यादा निशाना बनाया है, जो स्मार्टफोन के साथ जागरूकता नहीं पहुंचने का अंजाम है।
एक ईमेल या मैसेज में वायरस भेजकर हैकर स्मार्टफोन में घुस जाते है और सारी जानकारी चुराकर आपकी कमाई पर धावा बोलते है। ऐसे में जरूरी है कि अनजान यूआरएल को स्मार्टफोन में या निजी सिस्टम पर न खोलें। अवांछन…
वित्तीय साइबर अपराधों पर नजर डालें, तो तकनीक की आड़ में होने वाले जुर्म का दायरा बढ़ता जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक़ 2016-17 में 19 हजार के करीब, 2015 -16 में 16468 साइबर अपराध एटीएम, डेबिट कार्ड, क्रेडि…
2014 -15 में यह आंकड़ा 13083 और 2013 -14 में 9500 था। पिछले स्व तीन साल में 102 बैंको ने 88553 रूपये प्रति घंटे गंवाएं है। अप्रैल 2014 से इस साल के 30 जून तक 46612 मामलो में 252 करोड़ का नुक्सान हुआ।
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