के नतीजे से पहले ही जोड़-तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है. यूपीए की अध्यक्ष सोनिया
गांधी विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए सक्रिय हो गई हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री
केसीआर तीसरे मोर्चे की सरकार की कार्यविधि में जुटे हुए हैं. इन सबके बीच नरेंद्र
मोदी को दोबारा से सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस कर्नाटक मॉडल की तर्ज पर
भी केंद्र में भी सरकार गठन का दांव चल सकती है.
और सातवें चरण की वोटिंग से पहले कांग्रेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद ने बड़े राजनीतिक
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें