बुंदेलखंड का एक हिस्सा यूपी में है तो दूसरा हिस्सा मध्यप्रदेश में है, इन सबके बावजूद बुंदेलखंड की सदियों पुरानी परंपरा आज भी बरकरार है। जी हाँ, लोग अपनी परंपराओं को तो भू…
बुंदेलखंड का आज भी विकास नहीं हुआ है, जिसकी वजह से बुंदेलखंड की गिनती पिछड़े राज्यों में की जाती है। लेकिन जिस तरह से यहां के लोगों ने अपनी परंपरा को बरकरार रखा है, उसे ज…
बुंदेलखंड का एक नृत्य जो सदियों से प्रचलित है। वक्त के साथ सब बदल जाता है, इस कहावत को बुंदेलखंड वालों ने झूठा साबित कर दिया, क्योंकि उनके पास भले ही पीने का पानी नही है,…
आपको बता दें कि बुंदेलखंड की मिट्टी में अभी भी पुरातन परम्पराओं की महक देखने को मिलती है। बुंदेलखंड का दिवारी नृत्य पूरे देश में अनूठा है। साथ ही आपको ये भी बता दें कि इस…
आपको ये भी बता दें कि परम्परागत पीढ़ी दर पीढ़ी प्रदर्शित किया जाने वाला यह नृत्य बुंदेलखण्ड के अलावा कहीं भी देखने को नहीं मिलता। यह नृत्य भाद्रपद की पंचमी से पौष, माघ मा…
आपको बता दें कि पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस नृत्य को भगवान श्रीकृष्ण ने द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस का वध करने के बाद किया था। साथ ही आपको ये भी बता…
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