विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि हाल ही में संपन्न हुआ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की वैश्विक कूटनीतिक शक्ति का एक बड़ा प्रमाण है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया कई राजनीति…
सम्मेलन की सफलता का पैमाना इसमें शामिल हुए उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों से पता चलता है। इसमें कुल 32 प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया, जिसमें 11 सदस्य देश, 10 साझेदार देश, 4 क्…
इस सम्मेलन में कई बड़े वैश्विक नेताओं की मौजूदगी रही। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण…
एस जयशंकर ने बताया कि मौजूदा भू-राजनीतिक मतभेदों के बावजूद ब्रिक्स देशों ने कई अहम मुद्दों पर आम सहमति बनाई। विशेष रूप से पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व के संघर्ष पर, सभी सदस…
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भी सदस्य देशों के बीच मजबूत सहमति दिखी। ब्रिक्स देशों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद का कोई भी कृत्य एक अपराध है और इसे किसी…
विदेश मंत्री के अनुसार, यह सम्मेलन केवल मतभेदों को दूर करने का ही नहीं, बल्कि खुलकर बातचीत का भी एक बड़ा मंच बना। इसने ऐसे नेताओं को एक साथ लाया जो सामान्य परिस्थितियों म…
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