रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा आज दुनिया के सबसे बड़े मुद्दों में से एक है. उनकी स्थिति मानवाधिकारों के नज़रिए से चिंता का विषय बन चुकी है. दूसरे देश में शरण पाने की फ़िक्र हो या अस्तित्व बचाने से लेकर भव…
रोहिंग्या मुसलमानों पर बेहद गरीब होने के अलावा आतंकियों से जुड़े रहने का आरोप भी लगता रहा है. यही कारण है कि ये जिस देश में भी पनाह लेते हैं. इन्हें कोई शरण देने को राज़ी नहीं होता.
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) पर भी आरोप है कि वे बच्चों, विकलांगों और गर्भवती महिलाओं सहित नये शरणार्थियों को भारत में घुसने से जबरन रोक रहा है. शरणार्थियों ने रोहिंग्या मुस्लिमों को म्यामांर भेजने के…
हिंसा के बाद सड़क पर आ गए रोहिंग्या मुसलमान
25 अगस्त 2017 के बाद से शुरू हुई हिंसा के ताज़ा दौर में लाखों लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ा था. करीब 7,00,000 रोहिंग्या लोगों ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में बने शिविरों में पनाह ली. संयुक्त राष्ट्र ने बां…
बता दें कि म्यांमार सरकार ने कहा था कि फरवरी में रोहिंग्या शरणार्थी संकटों का जमीनी स्तर पर जायजा लिया जाएगा. लेकिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार म्यांमार…
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