बिहार के भागलपुर में रेशमी धागों से अपनी तकदीर बुनने वाली बीबी शबनम आज इलाके की दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। कभी महाजनों से धागा लेकर मामूली मज़दूरी पर काम करन…
भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड स्थित मोहिबअली चक गांव की रहने वाली शबनम का परिवार पारंपरिक तौर पर हथकरघा सिल्क बुनाई से जुड़ा रहा है। पहले उनके गांव के करीब 15 बुनकर परिवार ध…
शबनम की ज़िंदगी में बड़ा बदलाव 'समा जीविका स्वयं सहायता समूह' से जुड़ने के बाद आया। उन्होंने गांव के 15 बुनकर परिवारों को संगठित कर 'प्राची जीविका महिला रेशम वस्त्र उत्पा…
शबनम अब खुद बाज़ार से धागा खरीदकर हथकरघे पर सिल्क साड़ियां तैयार करती हैं और उन्हें स्थानीय दुकानदारों, थोक विक्रेताओं और मेलों में बेचती हैं। उन्होंने बताया कि एक साड़ी…
शबनम की सफलता सिर्फ उनकी अपनी कमाई तक सीमित नहीं है। वह अपने गांव के सभी 15 बुनकर परिवारों द्वारा तैयार की गईं साड़ियां खरीदकर उन्हें देश के अलग-अलग शहरों में लगने वाले म…
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