बिहार में अब दंगा, हिंसक प्रदर्शन और सामुदायिक तनाव जैसी घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस ने एक बड़ी तैयारी की है। प्रदेश के सभी जिलों में अब एक विशेष 'जिला दंगा निरोधी दस्त…
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था की किसी भी आकस्मिक चुनौती के दौरान पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाना और हिंसक घटनाओं पर जल्द से जल्द नियंत्रण प…
दंगा निरोधी दस्ते की हर कंपनी में तीन प्लाटून होंगी। प्रत्येक प्लाटून में अश्रु गैस दस्ता, लाठी दस्ता, सशस्त्र बल, ड्राइवर और वायरलेस ऑपरेटर समेत कुल 47 कर्मी शामिल होंगे…
बल की तैनाती के लिए जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
श्रेणी 'ए': इसमें अकेले पटना जिले को रखा गया है, जहां 3 कंपनियां और 18 वाहन दिए जाएंगे। वहीं, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बेगूसराय समेत 11 प्रमुख जिलों को 2-2 कंपनियां और…
श्रेणी 'बी': नालंदा, औरंगाबाद, भोजपुर, वैशाली और पूर्णिया समेत 22 जिलों में 1-1 कंपनी और 6-6 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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