मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में फंसे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सिर्फ आपराधिक मामले के भरोसे नहीं बैठा जा सकता, बल्कि विभ…
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह टिप्पणी न्यायमूर्ति पुगाझेंधी ने मदुरै पीठ में सुनवाई के दौरान की। अदालत रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए पांच सरकारी कर्मचारियों की याच…
न्यायमूर्ति पुगाझेंधी ने इस बात पर नाराजगी जताई कि याचिकाकर्ताओं को कई वर्षों से बिना कोई काम किए निर्वाह भत्ता मिल रहा है, जबकि उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई शुरू नहीं…
अदालत ने कहा कि मौजूदा सरकार ने भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने (जीरो टॉलरेंस) की प्रतिबद्धता जताई है। ऐसे में भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल कर्मचारियों पर तत्काल…
अदालत ने संबंधित याचिकाओं का निपटारा करते हुए एक सख्त निर्देश भी जारी किया। पीठ ने आदेश दिया कि इन सभी याचिकाकर्ताओं के खिलाफ विभागीय कार्यवाही छह महीने के भीतर पूरी की ज…
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