क्या आप कभी सोच सकते है की किसी चमगादड़ों की पूजा हो सकती है। जी हाँ आपने सही पढ़ा है, बिहार का एक गांव है वैशाली जहां पर चमगादड़ों की पूजा की जाती है। लोगों नें कहा की वे चमगादड़ों की पूजा इसलिए करते…
इन चमगादड़ों को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। यहां लोगों की मान्यता है कि चमगादड़ सम्रदि की प्रतीक देवी लक्ष्मी के समान है। सरसई पंचायत के सरपंच और प्रदेश सरपंच संघ के अध्यक्ष अमोद कुमार…
अजब-गजब का रिश्ता है चमगादड़ों और लोगों के बीच
गावं के लोगों नें बताया की गांव के लोग जब तालाब के पास जाते है तो ये चमगादड़ चिल्लाने लगते है। जब लोग वापस जाते है तो चमगादड़ चुप हो जाते है। लोगों नें कहा की यहां चमगादड़ों का वजन पांच किलोग्राम तक ह…
लोगों नें चमगादड़ों के यहां आने के इतिहास के बारे में बताया तो उन्होंने कहा की मध्यकाल में वैशाली में महामारी फैली थी जिसके कारण कई लोगों की जाने गई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में चमगादड़ यहां आने लगे…
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