बांशिंदा नहीं है जिसे मानसिक, आत्मिक और जैविक खुशी से मोहब्बत ना हो। हर कोई अपना
दामन खुशियों के रंग से भरना चाहता है। मगर कई दफा उसे रास्त नहीं मिलता और भटकता
रहता है। ऐसे में जरूरी है कि इंसान अपने जीवन को कुछ सिद्धांतों के फेरों को
सातों जन्म बांधें और हमेशा खुशी के झूले में झूलता रहे।
1- फालतू की चीजों को कहे ना- वैसे तो व्यक्ति के मन मे आने वाले अनगिनत ख्यालों में से थोड़े-से ही काम के होते हैं और फालतू की चीजों की वजह से मानसिक दंश झेलते हैं। जैसे कि…
2- हंसमुख लोग- हंसमुख लोग ही जीवन के मतलब का असली मजा उठा पाते हैं। कोशिश करें कि वक्त-वक्त पर अपने व्यवहार में हास्य की प्रवृत्ति को सृजित करें।
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