उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 4000 करोड़ रुपये के नोएडा लीजबैक घोटाले में एक बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के त…
यह मामला साल 2011 का है, जब हरीश चंद्र नोएडा प्राधिकरण में सचिव के पद पर थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित और कब्ज़ा की गई ज़…
विभागीय जांच में यह बात सामने आई कि करीब 3 लाख 81 हजार 527 वर्ग मीटर ज़मीन को नियम विरुद्ध तरीके से लीजबैक किया गया था। जांच के अनुसार, एक्सप्रेसवे के पास शहदरा गांव से स…
नियमों के अनुसार, लीजबैक की सुविधा सिर्फ संबंधित गांव के किसानों के लिए थी, जिसमें एक परिवार के नाम पर अधिकतम 450 वर्ग मीटर ज़मीन ही दी जा सकती थी। लेकिन जांच में पता चला…
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन सीईओ रितु माहेश्वरी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में तत्कालीन सचिव हरीश चंद्र की भूमिका…
यह पहली बार नहीं है जब हरीश चंद्र पर कार्रवाई हुई है। इससे पहले 2018 में भी उन्हें निलंबित किया गया था, जब वे मुजफ्फरनगर में अपर जिलाधिकारी के पद पर तैनात थे। इस मामले मे…
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