क्या अब आएगा अयोध्या पर अंतिम फैसला ?

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बरसो से चल रहा अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद अपनी अंतिम चरण पर आ चुका है। काफी दशकों से इस पर विवाद चल रहा है लेकिन अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं आया, मोदी सरकार के आने के बाद ही लोगो में यह उम्मीद बढ़ गयी थी की अयोध्या में राम मंदिर अवश्य बनेगा और इस मसलें पर अंतिम फैसले आने की उम्मीद थी। अब शायद वो समय आ गया है । जब यह पता चलेगा की अयोध्या की ज़मीन पर राम मंदिर बनेगा या बाबरी मस्जिद चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई को 17 अक्टूबर तक खत्म करने की अपील की थी, ऐसे में अब सुनवाई के लिए आखिरी चार दिन हैं. अगर अगले कुछ दिनों में सुनवाई पूरी होती है तो इस केस में फैसला आने की उम्मीद बढ़ सकती है।

इस मामले में आखिरी सुनवाई से पहले अयोध्या जिले में सुरक्षा को बढ़ाया गया है, अगर फैसले को लेकर कुछ माहौल बिगड़ता है तो उसे काबू में किया जा सके. इसी को मद्देनज़र रखते हुए सुरक्षा के इंतेज़ाम पर खासा ध्यान दिया गया है और अयोध्या प्रशासन ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है. ये आदेश 10 दिसंबर तक जारी रहेगा. 18 अक्टूबर से जिले में सुरक्षाबलों की पहली खेप पहुंचनी शुरू हो जाएगी. इसमें पीएसी, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान शामिल होंगे।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने शुरू से ही इस मामले को जल्द से जल्द खत्म करने की बात की है, एक निष्कर्ष पर आना बहुत जरूरी है साथ ही ये भी कहा था कि अगर समय से सुनवाई खत्म नहीं होती है तो समय पर फैसला आने की उम्मीद भी खत्म हो जाएगी।

अगर आखिरी फेज की बात की जाए तो सुप्रीम कोर्ट में अभी भी अपने अपने पक्ष रखे जा रहे है और यह अपनी दलील रखने का आखरी मौका है,अदालत के द्वारा दिए गए समय के अनुसार 14 अक्टूबर तक मुस्लिम पक्ष अपनी दलील प्रस्तुत कर सकते है।

हिंदू पक्षकार के वकील मुस्लिम पक्ष की दलीलों पर अपनी अंतिम पक्ष रखने का अवसर 15 और 16 अक्टूबर को मिलेगा। 6 अगस्त से शुरू हुई अयोध्या मसले पर आखिरी सुनवाई का 17 अक्टूबर को आखिरी दिन होगा. पहले अदालत ने 18 अक्टूबर की तारीख तय की थी, लेकिन बाद में इसे एक दिन घटाकर 17 अक्टूबर कर दिया गया था।

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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा इस मामले की सुनवाई कर रही संविधान पीठ में जस्टिस एस.ए. बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एसए नज़ीर बेंच में शामिल है। देखना दिलजसप होगा की कोर्ट का फैसला किसके पक्ष में आता है फैसला चाहे किसी के भी पक्ष में हो समाज के दोनों तबके इस फैसले से जरूर प्रभावित होंगे।