वृंदावन गुरुकुल: सेप्टिक टैंक की सफाई में 4 छात्रों की मौत, प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन के एक संस्कृत गुरुकुल में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से चार छात्रों की मौत हो गई। मृतकों में मेरठ के हस्तिनापुर…
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन के एक संस्कृत गुरुकुल में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से चार छात्रों की मौत हो गई। मृतकों में मेरठ के हस्तिनापुर स्थित जयंती माता शक्ति पीठ के मठ पुजारी पंडित विशु शर्मा भी शामिल थे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद मृतक छात्रों के परिजनों ने गुरुकुल प्रबंधन पर जबरन सफाई कराने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है, जब छात्रों से कथित तौर पर शौचालय का सेप्टिक टैंक साफ करने के लिए कहा गया। पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान विशु शर्मा के अलावा देवांश (17), मनु कटारे और आर्यन पांडेय के रूप में हुई है। ये सभी छात्र गरीब ब्राह्मण परिवारों से थे और गुरुकुल में संस्कृत और वेद की शिक्षा ले रहे थे।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
जयंती माता शक्ति पीठ के अध्यक्ष सुदेश कुमार ने आरोप लगाया कि गुरुकुल प्रबंधन ने बच्चों से जबरन यह खतरनाक काम करवाया। उन्होंने कहा, "टैंक चारों तरफ से बंद है, एक आदमी का जाना भी मुश्किल है। मना करने के बावजूद बच्चों को अंदर भेजा गया। जहरीली गैस से दम घुटने लगा और वो बेहोश होकर गिर गए, वहीं चारों ने दम तोड़ दिया।" परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद उन्हें गुरुकुल की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई, बल्कि पुलिस के माध्यम से जानकारी मिली।
न्याय और मुआवजे की मांग
सुदेश कुमार ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने, मजिस्ट्रेट से जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से पीड़ित गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता देने की भी अपील की है। मध्य प्रदेश के विदिशा से आए 17 वर्षीय मृतक देवांश के बड़े भाई राघवेंद्र दुबे ने बताया कि देवांश पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था और परिवार को उससे बहुत उम्मीदें थीं। उसे इसी साल जुलाई में संस्कृत, ज्योतिष और वेद की पढ़ाई के लिए गुरुकुल में दाखिला दिलाया गया था।
इनपुट: IANS



