‘वोट चोरी’ के खिलाफ INDIA ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली, विपक्ष ने बताया 'ऐतिहासिक'
नई दिल्ली के रामलीला मैदान में शुक्रवार को INDIA ब्लॉक द्वारा आयोजित एक रैली में ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने एकजुटता दिखाई…
नई दिल्ली के रामलीला मैदान में शुक्रवार को INDIA ब्लॉक द्वारा आयोजित एक रैली में ‘वोट चोरी’ के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने एकजुटता दिखाई। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस आयोजन को देश के लोकतंत्र को बचाने की एक कोशिश बताते हुए कहा, "इस ऐतिहासिक रामलीला मैदान ने एक ऐतिहासिक रैली देखी है। यह रैली किसी के खिलाफ नहीं है और न ही इसका मकसद किसी का अपमान करना है।"
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, रैली को संबोधित करते हुए विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे सफल बताया और कहा कि यह लोगों में अपने मताधिकार के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, "सुबह 9 बजे ही रामलीला मैदान लगभग भर चुका था... यह अपने आप में दिखाता है कि लोग अब अपने वोटिंग अधिकारों के प्रति जागरूक हो गए हैं। वे इन अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ने को तैयार हैं।"
विपक्ष के प्रमुख आरोप और मांगें
रैली का मुख्य केंद्र 'वोट चोरी' का आरोप और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा था। कांग्रेस नेता काजी मुहम्मद निजामुद्दीन ने कहा कि लोग 'वोट चोरी' के खिलाफ सड़कों पर थे और संवैधानिक अधिकारों के हनन को लेकर गुस्से में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "'वोट चोरी' के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा।" समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार वोट के अधिकार को छीनना चाहती है और इस रैली का दूरगामी असर होगा।
विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं
रैली के बाद कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। सीपीआई (एम) नेता एमए बेबी ने चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का हवाला देते हुए कहा, "जस्टिस जोसेफ की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा था कि चुनाव आयुक्तों का चयन निष्पक्ष होना चाहिए।" वहीं, देवेंद्र यादव ने राहुल गांधी के 'मोहब्बत की दुकान' वाले बयान पर कहा, "हमारे मन में किसी के प्रति कोई घृणा नहीं है, लेकिन देश के लोकतंत्र को कोई कमजोर करेगा, वो सहन नहीं होगा।"
जब भाजपा द्वारा इस दिन को 'ब्लैक-डे' बताए जाने पर सवाल किया गया, तो काजी मुहम्मद निजामुद्दीन ने कहा, "अगर जनता के वोट के अधिकार को छीना जाएगा तो हर दिन काला दिन होगा।" कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कहा, "हम उन (भाजपा) जैसे नहीं हैं, जो बोलते रहते हैं, हम करके दिखाने वालों में हैं।"
इनपुट: IANS



