चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका हिरासत में; अखिलेश ने EC की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों के कई सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी…
नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी दलों के कई सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल थे। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "भाजपा को इतने कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी। चुनाव आयोग के बिल्डिंग में ही एक फ्लोर पर कार्यालय खोल लेना चाहिए था।" उन्होंने आगे कहा कि भाजपा विपक्ष के समर्थकों के वोट कटवाना चाहती है और आयोग के माध्यम से वोट चोरी करने की कोशिश कर रही है।
विपक्षी दलों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन में शामिल अन्य विपक्षी नेताओं ने भी चुनाव आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की। कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने "एसआईआर" नामक प्रणाली के जरिए वोट चुराने और भाजपा को जिताने का आरोप लगाते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने आकाशवाणी परिसर के पास हो रहे प्रदर्शन के संदर्भ में कहा कि यह देश की संपत्ति है, किसी की निजी जागीर नहीं।
तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि पूरा 'इंडी' गठबंधन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि असंवैधानिक तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप भाजपा को जीत मिल रही है।
"आयुक्त सहयोगियों की भी नहीं सुनते"
समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन ने एक महत्वपूर्ण पहलू की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि अब केवल विपक्षी पार्टियां ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के भीतर से भी शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने दावा किया, "चुनाव आयुक्त के तौर पर काम कर रहे दो लोगों का कहना है कि उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जाता है। ज्ञानेश कुमार अकेले ही फैसले लेते हैं।"
इस दौरान कांग्रेस नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण दिन बताया, जहाँ विपक्ष के नेता हर भारतीय के वोट देने के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। वहीं, एक अन्य कांग्रेसी नेता उदय भानु ने दिल्ली पुलिस पर "लोकतंत्र के हत्यारों को बचाने" का आरोप लगाया।
इनपुट: IANS



