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ISIS के 'वॉयस ऑफ हिंद' मॉड्यूल मामले में NIA कोर्ट का फैसला, चार दोषियों को जेल की सज़ा

दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत ने ISIS से जुड़े 'वॉयस ऑफ हिंद' आतंकी साजिश मामले में चार दोषियों को सज़ा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इनमें से तीन को छह-छह साल और एक को पांच साल के कठोर…

ISIS के 'वॉयस ऑफ हिंद' मॉड्यूल मामले में NIA कोर्ट का फैसला, चार दोषियों को जेल की सज़ा
(फोटो: IANS)

दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत ने ISIS से जुड़े 'वॉयस ऑफ हिंद' आतंकी साजिश मामले में चार दोषियों को सज़ा सुनाई है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, इनमें से तीन को छह-छह साल और एक को पांच साल के कठोर कारावास की सज़ा दी गई है। अदालत ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है।

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विशेष अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले 17 सितंबर को इन चारों को भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आपराधिक साजिश समेत विभिन्न अपराधों का दोषी ठहराया गया था।

क्या था पूरा मामला?

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़ी प्रचार सामग्री फैलाने, युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और संगठन के लिए भर्ती करने से जुड़ा था। एजेंसी की जांच में सामने आया कि भारत में युवाओं को देश के खिलाफ हिंसक गतिविधियों के लिए उकसाने के मकसद से यह साजिश रची गई थी। इसके लिए विदेश में बैठे ISIS हैंडलर्स ने भारत में मौजूद सदस्यों के साथ मिलकर फर्जी ऑनलाइन पहचान के जरिए एक नेटवर्क बनाया था।

कैसे काम करता था यह मॉड्यूल?

NIA के अनुसार, यह नेटवर्क भारत-केंद्रित ISIS प्रचार पत्रिका 'सौत-अल-हिंद' (द वॉयस ऑफ हिंद) के लिए सामग्री तैयार करने, उसे संपादित करने, प्रकाशित करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फैलाने में शामिल था। जांच एजेंसी ने दावा किया कि ऑनलाइन प्रचार के साथ-साथ आतंकी फंडिंग से जुड़ी गतिविधियां भी जमीन पर चल रही थीं। यह नेटवर्क भारतीयों को सीरिया, इराक और अफगानिस्तान जैसे ISIS प्रभावित क्षेत्रों में जाने के लिए भी प्रेरित करता था।

दोषियों की भूमिका और सज़ा का विवरण

अदालत ने चारों दोषियों की अलग-अलग भूमिकाओं को स्वीकार किया। सज़ा पाने वालों में उमर निसार उर्फ कासिम खुरासानी, रमीज अहमद लोन और तनवीर अहमद भट शामिल हैं, जिन्हें छह-छह साल के कठोर कारावास की सज़ा मिली है। चौथे दोषी अफशान परवेज जराबी को पांच साल के कठोर कारावास की सज़ा दी गई है।

अदालत ने उमर निसार पर 36,000 रुपये, रमीज अहमद लोन पर 31,000 रुपये, तनवीर अहमद भट पर 23,000 रुपये और अफशान परवेज जराबी पर 9,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। NIA ने इस मामले में कुल आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें से बाकी आरोपियों के खिलाफ सुनवाई अभी जारी है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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