भारत की सांख्यिकीय प्रणाली बदलेगी 'विस्तार' योजना, ₹4371 करोड़ के बजट को कैबिनेट की मंजूरी
देश की सांख्यिकीय प्रणाली में व्यापक बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक नई योजना को मंजूरी दी है। 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च' (विस्तार) नामक…
देश की सांख्यिकीय प्रणाली में व्यापक बदलाव लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक नई योजना को मंजूरी दी है। 'विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च' (विस्तार) नामक इस योजना का लक्ष्य बेहतर डेटा के माध्यम से नीति-निर्माण और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी को और प्रभावी बनाना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट के इस फैसले पर कहा कि बेहतर डेटा का सीधा मतलब बेहतर निर्णय, बेहतर नीतियां और लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कैबिनेट ने भारत की सांख्यिकीय प्रणाली में बदलाव लाने के लिए 'विस्तार' योजना को मंजूरी दी है। इस योजना की विशेषता तकनीक और एआई का इस्तेमाल, सूक्ष्म स्तर पर फोकस और आधुनिक एवं एकीकृत सांख्यिकीय प्रणालियों का निर्माण है।"
योजना का बजट और अवधि
कैबिनेट द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 'विस्तार' योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से शुरू होकर 2030-31 तक चलेगी। इस पांच वर्षीय अवधि के लिए कुल 4,371.10 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्यों के साथ जोड़ा गया है, ताकि एक गतिशील और भविष्य के लिए तैयार आधिकारिक सांख्यिकीय ढांचा स्थापित हो सके।
'विस्तार' के मुख्य उद्देश्य और घटक
इस पहल का मुख्य उद्देश्य डेटा की सटीकता, समयबद्धता और सामंजस्य को बढ़ाना है। यह योजना बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण करने, डिजिटल परिवर्तन लाने और राष्ट्रीय डेटा गवर्नेंस के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देगी। इसमें सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की सभी सांख्यिकीय और डेटा प्रबंधन गतिविधियां शामिल होंगी। इसके तीन प्रमुख घटक हैं:
- व्यापक सांख्यिकीय कार्य और इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाना।
- सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण के लिए समर्थन (SSS)।
- आर्थिक जनगणना (EC)।
इनपुट: IANS



