कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पत्थरबाजी में आई कमी

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कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पत्थरबाजी में आई कमी

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां पत्थर फेंकने या दूसरे तरीकों से कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले लोगों के हाथ अब कांपने लगे हैं. वहां सुरक्षाबलों का ऐसा शिकंजा कसा गया है. कि पांच अगस्त से लेकर 15 नवंबर तक 765 लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं.

जम्मू कश्मीर के मामले से हर दूसरा इंसान इससे बखूबी जानते ही है कि वहां पर किस तरह की परिस्थियां रही है. हम यहा पर बात कर रहें है कि जब से कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद क्या हुआ है वहां का क्या नजारा है. क्योंकि वहां पर पत्थरबाजी करने के कई मामले सामने आ चुके है.

इस मामले पर जब केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया था. जिसके बाद कश्मीर में पत्थरबाजी की वारदातों में काफी कमी आई है. गृह मंत्रालय ने संसद में दिए अपने लिखित जवाब में ये जानकारी दी. जिसमें बताया गया है कि 5 अगस्त से लेकर 15 नवंबर तक के बीच अब तक घाटी में पत्थरबाजी के 190 मामले दर्ज हो चुके है. जबकि 765 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

वहीं इस साल की शुरूआत से 4 अगस्त तक पत्थरबाजी के 361 मामले दर्ज किए गए थे. दूसरी और सरकार का कहना है कि कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से ही सरकार ने पत्थरबाजी की वारदातों को रोकने के लिए कई जरूरी कदम उठाए हैं. बताते चले कि इस पत्थरबाजी में शामिल और इसे बढावा देने वाले लोगों की पहचान की गई है. जिन्हें विभिन्न धाराओं में हिरासत में ले लिया गया है. इसमें से कुछ लोगों के खिलाफ पीएसए (PSA) कानून तक का प्रयोग किया गया.

इतना ही नहीं इसमे यह भी पता चला है कि पत्थरबाजी में हुर्रियत और हुर्रियत से जुड़े अलग-अलग अलगाववादी संगठन शामिल हैं. इस मामलों में 18 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है. सरकार ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि कश्मीर में पर्यटन भी पटरी पर लौट रहा है.

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इस के साथ ये भी बता दें कि पिछले 6 महीनों में कश्मीर में 34 लाख 10 हजार 219 पर्यटकों ने दौरा किया है. गौर करने वाली बात ये है कि इनमें से 12 हजार 934 विदेशी पर्यटक थे. इस दौरान पर्यटन के माध्यम से 25 करोड़ 12 लाख रुपयों की कमाई की गई है.