रविवार, 18 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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विंध्याचल: दो साल में 60% बढ़े श्रद्धालु, यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन का नया केंद्र बन रहा 'विंध्य त्रिकोण'

मीरजापुर: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, जिसका सीधा असर यहां के धार्मिक पर्यटन पर दिख रहा है। पिछले दो वर्षों में मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह…

विंध्याचल: दो साल में 60% बढ़े श्रद्धालु, यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन का नया केंद्र बन रहा 'विंध्य त्रिकोण'
(फोटो: IANS)

मीरजापुर: उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, जिसका सीधा असर यहां के धार्मिक पर्यटन पर दिख रहा है। पिछले दो वर्षों में मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों को मिलाकर बने 'विंध्य त्रिकोण' में दर्शन करने वालों की संख्या में लगभग 60 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह बढ़ोतरी योगी सरकार द्वारा क्षेत्र में विकसित की जा रहीं सुविधाओं और शक्तिपीठ सर्किट बनाने की पहल का नतीजा है।

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आंकड़े बताते हैं कि जहां वर्ष 2023 में इन तीनों मंदिरों में कुल मिलाकर करीब 1.15 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर लगभग 1.84 करोड़ हो गई। यह दर्शाता है कि अब विंध्याचल आने वाले भक्त सिर्फ मां विंध्यवासिनी के दर्शन तक सीमित नहीं रह रहे, बल्कि सदियों पुरानी त्रिकोण परिक्रमा को भी पूरा कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड उछाल

विंध्य त्रिकोण में सबसे अधिक भीड़ मां विंध्यवासिनी धाम में होती है। यहां 2023 में लगभग 73 लाख श्रद्धालु आए थे, जो 2025 तक बढ़कर करीब 1.20 करोड़ तक पहुंच गए, यानी लगभग 64 फीसदी का उछाल। आस्था का यह क्रम 2026 में भी जारी है, जहां सिर्फ अगस्त तक ही 90 लाख लोग दर्शन कर चुके हैं। वहीं, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में भी भक्तों की संख्या दो वर्षों में 51 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 42.36 लाख से लगभग 64 लाख हो गई है।

विकास कार्यों से बदल रही तस्वीर

राज्य सरकार विंध्याचल को एक संपूर्ण शक्ति पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विंध्याचल को प्रदेश के शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है। इस योजना के तहत करीब 208.09 करोड़ रुपये की लागत से मां की पैड़ी, परिक्रमा पथ, संपर्क मार्ग और मंदिर परिसर में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पहाड़ी मंदिरों तक पहुंच को आसान बनाने में रोपवे ने भी अहम भूमिका निभाई है, जिससे बुजुर्गों को विशेष सहूलियत मिली है।

पर्यटन को संगठित करने की पहल

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSRTC) ने 'विजिट माय स्टेट' पहल के तहत दो विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं। इनमें से एक पैकेज वाराणसी और विंध्याचल को जोड़ता है, जबकि दूसरा लखनऊ, वाराणसी, विंध्याचल और प्रयागराज को एक साथ एक धार्मिक सर्किट में शामिल करता है। पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं देकर पर्यटकों का ठहराव बढ़ाना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social उत्तर प्रदेश डेस्क

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