वीडियो · स्वास्थ्य दिवाली पर उल्लू की बलि क्यों? लक्ष्मी जी की सवारी की तस्करी का पूरा सच
हिंदू मान्यता में उल्लू, मां लक्ष्मी का वाहन है। लेकिन दिवाली के आसपास ही उल्लुओं का सबसे ज़्यादा अवैध शिकार और तस्करी होती है। क्यों? इस वीडियो में पूरी कहानी:
• TRAFFIC के मुताबिक तांत्रिक दिवाली को उल्लू की बलि का "शुभ समय" मानते हैं; दशहरे से दिवाली तक शिकारी सबसे सक्रिय
• भारत की 30 में से 15 उल्लू प्रजातियां अवैध व्यापार में पाई गईं (स्पॉटेड आउलेट, बार्न आउल, रॉक ईगल आउल सबसे ज़्यादा)
• गाज़ियाबाद, अक्टूबर 2019: 5 उल्लू बरामद, पुलिस के मुताबिक कीमत ₹1 करोड़ से ज़्यादा
• मथुरा, नवंबर 2025: उल्लू के 14 नाखून बेचते 3 गिरफ़्तार
• महराजगंज, 2026: सोहगीबरवां प्रभाग की 13 विशेष टीमें निगरानी में
• उल्लू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित; शिकार, बिक्री या पालना अपराध
उल्लू पकड़ा या बेचा जाता दिखे तो वन विभाग या पुलिस को बताइए।
क्या आपके इलाके में ऐसा कुछ सुना है? कमेंट में बताइए।
स्रोत: TRAFFIC India (2018 advisory), Down To Earth, Aaj Tak (23 Oct 2019), Amar Ujala (25 Nov 2025, 13 Oct 2026)
विज़ुअल: AI से बने सांकेतिक दृश्य (स्क्रीन पर लेबल), Pexels/Pixabay के सांकेतिक वीडियो, IANS
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