जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं, इंडिया ब्लॉक का सरकार पर हमला, कहा - 'आप घबराए हुए हैं'
केंद्र सरकार ने दिल्ली के ऐतिहासिक विरोध स्थल जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए निर्धारित जगहों की सूची से हटा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय के इस फैसले पर विपक्षी…
केंद्र सरकार ने दिल्ली के ऐतिहासिक विरोध स्थल जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए निर्धारित जगहों की सूची से हटा दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय के इस फैसले पर विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
मंत्रालय ने विरोध-प्रदर्शनों के लिए अब तीन नई जगहें तय की हैं, जिनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं। इस बदलाव को लेकर विपक्ष ने सरकार पर घबराहट में होने का आरोप लगाया है।
विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "ये दिखाता है कि वे घबराए हुए हैं। यह लोगों की आवाज को दबाना चाहते हैं लेकिन प्रजातंत्र में लोगों की आवाज कभी नहीं दबती है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।" वहीं, बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जब लोकतंत्र पर लगातार हमले हो रहे हों, तो वे चुप नहीं रह सकते। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र को कुचला जा रहा है... चुनाव निष्पक्ष होने चाहिए, लोकतंत्र और हमारे संविधान की रक्षा होनी चाहिए, इसके लिए हम कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।"
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि अब प्रदर्शन हिमालय की चोटी पर करना होगा। इसी तरह की बात सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी कही। उन्होंने कहा, "अब देश का हर शहर, हर कोना जंतर-मंतर बन जाएगा... नहीं, तो अब विरोध-प्रदर्शन के लिए माउंट एवरेस्ट पर जगह दे दीजिए।"
'लोकतंत्र बचाने की लड़ाई'
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इसे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई बताया। उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि यह चुनावी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की जंग है और इसके लिए वे हर उस स्तंभ तक जाएंगे जिससे लोकतंत्र की पहचान है, जिसमें उच्चतम न्यायालय भी शामिल है।
इसी क्रम में, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि वे सीजेआई की कही बातों के अनुसार याचिका दायर करेंगे और उन्हें कोर्ट पर भरोसा है। वहीं, गौरव गोगोई ने कहा कि भाजपा डरी हुई है और जानती है कि सत्ता उनके पास ज्यादा समय तक नहीं रहेगी।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन लंबे समय से चल रहा है और यह तब तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "यह अभियान उस दिन से चल रहा है जब राहुल गांधी ने पहली बार इंदिरा गांधी भवन में एसआईआर का मुद्दा उठाया था।"
इनपुट: IANS



