यूपी में मीट दुकानदारों का ऐसा हाल।

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Uttar Pradesh
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यूपी में सीएम योगी की सत्ता आते ही सबसे पहले बूचड़खानों पर कार्रवाही की गयी. कई बूचड़खाने जो अवैध थे उनको तुरंत बंद कर दिया गया. अब योगी सरकार को कमान संभाले हुए करीब ढाई महीना हो गया है. जिन छोटे व्यापारियों की मीट की दूकान को बंद किया गया उनकी रोज़ी-रोटी पर बहुत असर हुआ है. इन व्यापारियों को मजबूरन अपने धंधे को बदलना पड़ा. इन लोगों की शिकायत है कि पूरी मेहनत के बावजूद वो दो जून की रोटी का भी जुगाड़ नहीं कर पा रहे हैं.

इनका कहना है की सरकार को हमारी हालत पर ध्यान देना चाहिए. इनका कहना है कि या तो इन्हें पहले की तरह गोश्त बेचने की इजाजत दी जाए या फिर नया कारोबार जमाने में मदद की जाए जिससे कि वो अपने परिवारों को पाल सकें.

लखीमपुर खीरी जिले में जो व्यापारी मीट की दूकान का काम करते थे अब उन्होंने अपना धंधा ही बदलना बेहतर समझा. अब कोई केले का ठेला लगा रहा है कोई चाय की दूकान लगा रहा है तो किसी ने कबाड़ का काम शुरू कर दिया है. किसी ने परचून की दुकान खोल ली है तो कोई पान बेचने लगा है. इन व्यापारियों का कहना है की अब हमारा महीने का खाने का खर्चा भी नहीं निकल पता फिर भी हम बहुत मेहनत कर रहे है. सरकार को हमारी इस हालत पर ध्यान देना चाहिए या तो उसी कारोबार को वापस देना चाहिए या फिर हमारी आर्थिक मदद होनी चाईए.

यूपी में सीएम योगी ने ऐसे बहुत से सख्त कदम उठाये है. लेकिन अब आम जनता को तकलीफ होने लगी है. सरकार को इन छोटे व्यापारियों की हालत पर ध्यान देना चाहिए. सख्त कदम उठाना एक विकास मार्ग दर्शाता है लेकिन आम जनता का विकास भी ज़रूरी है.

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