बाराबंकी हेरोइन तस्करी: साढ़े छह साल पुराने मामले में दो तस्करों को 10-10 साल की सज़ा
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक साढ़े छह साल पुराने मामले में दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई गई है। यह फैसला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)…
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक साढ़े छह साल पुराने मामले में दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई गई है। यह फैसला नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा 2017 में की गई एक कार्रवाई के बाद लंबी चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बाराबंकी के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 19 अक्टूबर को यह सज़ा सुनाई।
दोषी ठहराए गए व्यक्तियों की पहचान शकील और रामप्यारी के रूप में हुई है, जो दोनों बाराबंकी के सफदरगंज थाना क्षेत्र के ही निवासी हैं। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों और दलीलों के आधार पर दोनों को मादक पदार्थों की अवैध तस्करी का दोषी पाया।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 27 मई, 2017 का है। तब NCB लखनऊ की टीम ने एक खुफिया सूचना पर बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर जाल बिछाया था। अवध असम एक्सप्रेस से उतरे शकील और रामप्यारी को प्लेटफॉर्म पर पकड़ा गया था। उनके पास मौजूद काले रंग के बैगों की तलाशी लेने पर 340 ग्राम हेरोइन और 160 ग्राम गांजा बरामद हुआ था।
जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई कि नशीले पदार्थों की यह खेप नागालैंड के दीमापुर से तस्करी कर बाराबंकी लाई गई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने समाज पर मादक पदार्थों के गंभीर दुष्प्रभावों का हवाला देते हुए दोषियों के लिए कड़ी सज़ा की मांग की थी।
NCB ने फैसले का स्वागत किया
NCB ने इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति की पुष्टि बताया है। ब्यूरो ने कहा कि वह 'नशामुक्त भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, एजेंसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी कोई भी जानकारी राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दे सकते हैं, जहाँ सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इनपुट: IANS



