सोमवार, 2 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
इकोनॉमी

आर्थिक सुरक्षा की कुंजी है स्वच्छ ऊर्जा, भारत 500 GW के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को सीधे-सीधे आर्थिक सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा है कि इसका भविष्य केवल स्वच्छ ऊर्जा में ही है। उन्होंने जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल, डीज़ल, कोयला) पर निर्भरता को…

आर्थिक सुरक्षा की कुंजी है स्वच्छ ऊर्जा, भारत 500 GW के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा: पीएम मोदी
(फोटो: IANS)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को सीधे-सीधे आर्थिक सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा है कि इसका भविष्य केवल स्वच्छ ऊर्जा में ही है। उन्होंने जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल, डीज़ल, कोयला) पर निर्भरता को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बार-बार आने वाले संकटों का कारण बताया और कहा कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा के 500 गीगावाट के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

विज्ञापन

नई दिल्ली में भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह बातें कहीं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से लेकर पश्चिम एशिया के संकटों तक, दुनिया ने कई परेशानियाँ देखीं, लेकिन भारत ने इन्हें बेहतर तरीके से संभाला है। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने स्वच्छ ऊर्जा में निवेश नहीं किया होता, तो संकट और गहरा हो सकता था।

समय से पहले हासिल किए लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने पेरिस समझौते के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया, जो तय समय से 5 वर्ष पहले है। उन्होंने कहा, "आज भारत की स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आता है।" पीएम ने यह भी बताया कि 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता हासिल करने के संकल्प में से 300 गीगावाट का लक्ष्य पहले ही प्राप्त किया जा चुका है।

आम लोगों और किसानों को मिल रहा फायदा

पीएम मोदी ने आम नागरिकों और किसानों तक स्वच्छ ऊर्जा के लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत 65 लाख से अधिक घर जुड़ चुके हैं और उनका बिजली बिल 76 प्रतिशत तक कम हो गया है। इसी तरह, 'कुसुम योजना' के तहत 30 लाख से अधिक किसानों के लिए सौर ऊर्जा से सिंचाई की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें सालाना एक लाख रुपए तक की बचत हो रही है।

ग्रीन हाइड्रोजन और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहल सिर्फ सौर, पवन या जलविद्युत तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' के तहत इस दशक के अंत तक 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य है। इसके अलावा, उन्होंने भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता को इस सफलता का एक बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, "एक दशक पहले हमारी सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता केवल 2 गीगावाट थी और आज यह 200 गीगावाट से अधिक हो चुकी है।" पीएम मोदी ने किसानों से 'अन्नदाता' के साथ-साथ 'ऊर्जादाता' बनने और स्टार्टअप्स से इस क्षेत्र में नवाचार करने का भी आग्रह किया।

इनपुट: IANS

N

News4Social बिज़नेस डेस्क

News4Social बिज़नेस डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से कारोबार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →