यूपी MLC चुनाव: 11 सीटों के लिए 7 ज़िलों में मतगणना जारी, नतीजों पर भाजपा-सपा की नज़र
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए वोटों की गिनती मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हो गई। राज्य के सात ज़िलों में बने मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच यह प्रक्रिया चल रही है। समाचार एजेंसी…
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए वोटों की गिनती मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू हो गई। राज्य के सात ज़िलों में बने मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच यह प्रक्रिया चल रही है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन चुनावों के नतीजों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और समाजवादी पार्टी (सपा) के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में हो रही है। इनमें विधान परिषद के पाँच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। सुबह स्ट्रांग रूम से मतपेटियां निकालने के बाद उनकी सील जाँची गई और फिर मतपत्रों की छंटाई और बंडल बनाने का काम शुरू हुआ।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लखनऊ में रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। वहीं, वाराणसी में डीआईजी शिवहरि मीना ने बताया कि पुलिस ने तीन-स्तरीय सुरक्षा योजना लागू की है, जिसमें बाहरी, आंतरिक और आइसोलेशन घेरा शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी नज़र रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। बरेली में मतगणना स्थल से 100 मीटर दूर ही समर्थकों को रोकने की व्यवस्था है और विजयी प्रत्याशी को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।
जीत के अपने-अपने दावे
मतगणना के बीच विभिन्न दलों के प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी जीत का भरोसा जताया है। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी ने कहा कि इस बार मतदान 9-10% ज़्यादा हुआ है। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली और वित्तविहीन शिक्षकों के मुद्दों को अपने प्रचार का मुख्य आधार बताया, जिस पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सैद्धांतिक सहमति दी थी। वहीं, एक अन्य सपा प्रत्याशी सुशील कुमार ने प्रशासन से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की।
दूसरी ओर, लखनऊ स्नातक क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह ने भी अपनी जीत का विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत से बड़ी संख्या में वोट भाजपा के पक्ष में पड़ेंगे और उन्हें भगवान राम व हनुमान जी के आशीर्वाद से जीत मिलेगी। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 17 प्रत्याशियों की किस्मत का फ़ैसला होना है, जबकि भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी भी गोरखपुर मतगणना केंद्र पर मौजूद रहे।
क्यों अहम हैं ये चुनाव?
विधान परिषद की इन 11 सीटों का प्रभाव प्रदेश के 72 ज़िलों तक फैला है। इन चुनावों के ज़रिए जहां भाजपा अपने मौजूदा दबदबे को कायम रखना चाहेगी, वहीं समाजवादी पार्टी शिक्षक और स्नातक वर्ग के बीच अपना समर्थन आधार मजबूत करने की कोशिश में है। माना जा रहा है कि इन नतीजों से आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों को एक मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है।
इनपुट: IANS



