यूपी विधानसभा चुनाव: सपा सांसद ने कांग्रेस से गठबंधन पर दिया बड़ा बयान, कहा- जीतने वाली सीटें देने को तैयार
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर एक अहम बयान सामने आया है। संभल से सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने कहा है कि दोनों पार्टियों के बीच…
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट के बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर एक अहम बयान सामने आया है। संभल से सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क ने कहा है कि दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर बातचीत चल रही है और कांग्रेस को वे सीटें दी जाएंगी, जिन पर उसकी जीत की संभावना है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में उन्होंने उम्मीद जताई कि सपा और कांग्रेस 'इंडी' गठबंधन के तहत मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
सपा सांसद के मुताबिक, गठबंधन को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में है और जल्द ही इस पर कोई फैसला सामने आ सकता है। उन्होंने कहा, "मेरी अखिलेश यादव से खुद भी बात हुई है और हमारी बातचीत सकारात्मक रही है। उत्तर प्रदेश में भाजपा के सामने समाजवादी पार्टी ही सबसे मजबूत विकल्प है।"
सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला
कांग्रेस द्वारा मांगी जा रही सीटों की संख्या पर बर्क ने कहा कि पार्टी को इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सपा का मानना है कि सीटों का आवंटन जीतने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया, "उनकी मांग के बजाय हम उनको वो सीटें देना चाहते हैं जिस सीट पर कांग्रेस पार्टी जीत सकती है। इसे लेकर विचार-विमर्श जारी है।" उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी समझौते में समय लगता है और हर बात तुरंत हल नहीं हो सकती।
CJP प्रवक्ताओं की ज़मानत और विरोध का अधिकार
इस बातचीत के दौरान सांसद बर्क ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत पर भी अपनी राय रखी। न्यायपालिका के प्रति सम्मान जताते हुए उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को सरकार या प्रशासन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है, बशर्ते यह कानून के दायरे में हो।
उन्होंने कहा, "यह अधिकार सिर्फ 'जेन-जी' तक ही सीमित नहीं है। यह अधिकार 60, 70 या 80 साल के व्यक्ति को भी देश में हो रही किसी भी गलत चीज के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार है।" उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि सरकार की नीतियों की आलोचना करने वालों से ही अब स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। बर्क ने कहा, "अगर विरोध का उद्देश्य जायज था और कोई गलत इरादा नहीं था, तो उन्हें अपने कार्यों को सही साबित करने की जरूरत क्यों है? सरकार उनको गलत तरीके से दबा नहीं सकती है।"
इनपुट: IANS



