उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर: 48 घंटे में सामान्य से 19 गुना ज़्यादा वर्षा, राहत और बचाव कार्य तेज़
उत्तर प्रदेश पिछले 48 घंटों से भारी बारिश की चपेट में है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है, और कई जिलों में हालात विशेष रूप से गंभीर हैं…
उत्तर प्रदेश पिछले 48 घंटों से भारी बारिश की चपेट में है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पूरे प्रदेश में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है, और कई जिलों में हालात विशेष रूप से गंभीर हैं। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे राज्य में राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
राज्य के राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक व्यक्तिगत रूप से पहुँचने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी सूरत में आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बारिश के चौंकाने वाले आँकड़े
प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। कुछ जिलों में यह आँकड़ा बेहद चिंताजनक है। पिछले 24 घंटों में फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना, जबकि कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में 130 गुना ज़्यादा बारिश दर्ज की गई। वहीं, भदोही, देवरिया और अलीगढ़ में सामान्य वर्षा हुई। प्रदेश में आठ जिले ऐसे भी रहे जहाँ बारिश नहीं हुई, जिनमें बागपत, गाजियाबाद, मथुरा और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं।
नेपाल सीमा पर विशेष सतर्कता
नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों, खासकर पूर्वी यूपी में नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। इसे देखते हुए राहत आयुक्त ने इन जिलों के प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा है। अधिकारियों को नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और बाढ़ राहत टीमों को अलर्ट मोड पर रखने का निर्देश दिया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 36 घंटों के बाद प्रदेश में मौसम सामान्य हो सकता है।
नुकसान का आकलन और सहायता के निर्देश
अत्यधिक वर्षा और आंधी-तूफान के कारण पिछले 48 घंटों में प्रदेश भर में 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल अनुमन्य सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, फसलों को हुए नुकसान का भी तुरंत आकलन करने को कहा गया है ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार मदद पहुँचाई जा सके। फील्ड अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नज़र बनाए रखने और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का भी निर्देश दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए राहत हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
इनपुट: IANS



