उत्तर प्रदेश: अब हर ज़िले में खुलेंगे 'सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन', युवाओं को एक ही छत के नीचे मिलेगा प्रशिक्षण और रोज़गार
उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर एक ही जगह पर मुहैया कराने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के…
उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर एक ही जगह पर मुहैया कराने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर घोषणा की कि राज्य के सभी 75 जिलों में 'सरदार वल्लभभाई पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन' विकसित किए जाएंगे।
शनिवार को लोकभवन में 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का शुभारंभ करते हुए, मुख्यमंत्री ने इस पहल का खाका पेश किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह योजना युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देकर नौकरी से जोड़ने का काम करेगी। विदेशों में काम करने के इच्छुक युवाओं को संबंधित देश की भाषा और अन्य जरूरी कौशल का प्रशिक्षण भी इन्हीं केंद्रों पर दिया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
इस योजना को चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर में इन केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद, सभी 18 मंडल मुख्यालयों और अंत में हर जिले तक इसका विस्तार किया जाएगा। सीएम योगी ने बताया कि सभी 18 मंडल मुख्यालयों के लिए धनराशि की व्यवस्था पहले ही कर दी गई है और जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
इस पहल में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। गौतमबुद्धनगर में यमुना प्राधिकरण टाटा जैसी संस्था के साथ मिलकर यह केंद्र विकसित कर रहा है, जबकि गोरखपुर में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) इस पहल से जुड़ गया है।
कैसे काम करेंगे ये केंद्र?
ये केंद्र एक 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' के तौर पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने समझाया, "कोई युवा हाईस्कूल पास है और काम चाहता है तो केंद्र पर उसका पंजीकरण होगा। उसकी रुचि के अनुसार स्किलिंग होगी और फिर किसी संस्थान, फैक्ट्री अथवा अन्य क्षेत्र में प्लेसमेंट कराया जाएगा।" उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कोई युवा जापान या जर्मनी जाना चाहता है, तो उसे वहां की भाषा और जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षण देकर संबंधित दूतावास के सहयोग से रोजगार दिलाया जाएगा। यह सुविधा सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं होगी, अधिक उम्र के लोग भी रोजगार के लिए इन केंद्रों से संपर्क कर सकेंगे।
सरकार ने इस योजना के लिए टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीबीसी ग्रुप, पीटीसी, सीआईपैट, एशियन डेवलपमेंट बैंक, मिंडा और अवाडा जैसी कई प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।
पिछली सरकारों पर निशाना
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "पिछली सरकारें 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया' पालती थीं। हमने माफिया को मिट्टी में मिलाया और उत्तर प्रदेश के प्रोडक्ट्स को प्लेटफॉर्म और पहचान दी।" उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों में युवाओं की नौकरियों पर माफिया कब्जा कर लेते थे, जिससे युवा पलायन को मजबूर थे।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई और 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' योजना से 3.25 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी युवा आबादी एक ताकत है, जिसे पिछली सरकारें बोझ मानती थीं। सीएम योगी ने कहा, "स्केल के साथ स्किल जुड़ेगी तो रोजगार भी आएगा। स्केल हो और स्किल न हो, तो गति दुर्गति में बदल जाती है। लेकिन स्केल के साथ स्किल भी हो, तो वही गति प्रगति में बदल जाती है।"
इनपुट: IANS



