UIDAI ने कहा परिचय का ज़रिया नहीं सिर्फ पहचान है आधार

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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 12 अंकों वाली आधार संख्या को लेकर कई जटिल सवालों के उत्तर दिए. एक ख़ास सेशन में UIDAI के कार्यकारी अधिकारी ने निजता और डाटा की रक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने की कोशिश की. उन्होंने रविवार को कहा कि आधार एक पहचान है न कि प्रोफाइलिंग का साधन. प्राधिकरण ने इस बात पर भी जोर दिया कि आधार की जानकारियों का नियमन मज़बूत कानूनों के तहत होता है.

लाइव चैट में सुलझायी समस्याएं

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय भूषण पांडेय ने ट्विटर पर लाइव चैट के दौरान कहा कि आधार न्यूनतम सूचनाओं और बायोमीट्रिक्स पर आधारित है जो सबसे कम भेद्य है. भविष्य में डीएनए आधारित रूपरेखा के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में पांडेय ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम उंगलियों के निशान, आंख की पुतली और तस्वीर लेते हैं. डीएनए या कुछ और निजी जानकारी लेने की हमारी कोई योजना नहीं है. तस्वीर, उंगलियों के निशान और पुतली आधार बनाने और किसी की भी पहचान करने के लिए पर्याप्त हैं.’ पांडेय ने आधार के साथ विभिन्न सूचनाओं को जोड़ने पर सरकार द्वारा निगरानी या दुरूपयोग की आशंकाओं को खारिज किया.

हम सिर्फ आपकी पहचान पुख्ता करते हैं

इस लाइव चैट के दौरान पांडेय ने कई ख़ास सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘जब आप बैंक में आधार संख्या देते हैं, प्राधिकरण को आपके बैंक खाता के बारे में मालूम नहीं होता है. बैंक हमें आपकी आधार संख्या और उंगलियों के निशान हमें मिलान करने के लिए देते हैं. मिलान करने की हमारी सेवा उन्हें सिर्फ हां या नहीं बताते हैं.’ उन्होंने कहा कि सरकार किसी के बारे में प्रणाली से कोई सूचना नहीं पाती है. करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रश्नोत्तर के दौरान पांडेय ने 20 से अधिक सवालों के जवाब दिए. ये सवाल गोपनीयता से लेकर बायोमीट्रिक पहचान, मोबाइल से आधार संख्या जोड़ना, पंजीयन केंद्रों को बैंकों व सरकारी कार्यालयों में स्थानांतरित करना आदि से संबंधित रहे.

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बैंक खाता लोगों की संपत्ति है और खाता से आधार संख्या जोड़ने पर इस बात से बिलकुल नहीं डरना चाहिए कि सरकार किसी दिन उनका खाता बंद कर देगी.

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