Uddhav Thackeray: शिवसेना पर कब्जे को लेकर संघर्ष और तेज, शिंदे ने बनाई नई कार्यकारिणी, उद्धव को ही बनाया अध्यक्ष

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Uddhav Thackeray: शिवसेना पर कब्जे को लेकर संघर्ष और तेज, शिंदे ने बनाई नई कार्यकारिणी, उद्धव को ही बनाया अध्यक्ष

मुंबई: शिवसेना (Shivsena) पर कब्जे को लेकर एकनाथ शिंदे और उद्धव गुट के बीच संघर्ष और तेज हो गया है। सोमवार को एकनाथ शिंदे ने शिवसेना की कार्यकारिणी को भंग करते हुए अपनी नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया। वहीं, शिवसेना के 19 में 14 लोकसभा सांसदों के शिंदे गुट के साथ जाने की खबर है। खास बात यह है कि शिंदे ने उद्धव ठाकरे को ही शिवसेना का अध्यक्ष बनाया है। जबकि शिंदे ने खुद प्रमुख नेता का पद संभाला है। उधर, बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) के समय से पार्टी के कद्दावर नेता रहे रामदास कदम (Ramdas Kadam) ने भी पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद शिवसेना ने उन्हें पार्टी से निकाले जाने का ऐलान कर दिया। सोमवार को इतने घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (CM Eknath Shinde) रात में दिल्ली रवाना हो गए। वह दिल्ली में बीजेपी (BJP) के बड़े नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं।

एकनाथ शिंदे ने अपने गुट के विधायकों के साथ बैठक की
सोमवार को मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में एकनाथ शिंदे ने अपने गुट के विधायकों के साथ बैठक की। खबर है कि बैठक में शिवसेना के 14 सांसदों भी ऑनलाइन तरीके से शामिल हुए। इसी बैठक में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना की कार्यकारिणी को बर्खास्त करने और उसकी जगह पर अपनी नई कार्यकारिणी बनाने का ऐलान किया। शिंदे की कार्यकारिणी में शिंदे ने खुद के अलावा शिवसेना से निकाले गए नेता रामदास कदम और आनंदराव अडसूल को पार्टी के ‘नेता’ पद पर बहाल किया है। उदय सामंत, गुलाबराव पाटील, शिवाजीराव अढालराव पाटील, विजय नहाटा, शरद पोंकशे, तानाजी सावंत और यशवंत जाधव को उपनेता नियुक्त किया गया है। दीपक केसरकर को प्रवक्ता बनाया गया है।

रामदास कदम ने करारा पत्र लिखकर छोड़ा नेता पद
उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री रामदास कदम ने सोमवार को पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया। ठाकरे को पत्र लिखकर कदम ने उन पर समय न देने और उन्हें और उनके बेटे विधायक योगेश कदम को बार-बार अपमानित करने का आरोप लगाया है। यह भी लिखा है कि आज अगर बालासाहेब ठाकरे जिंदा होते, तो यह नौबत नहीं आती।

इसके बाद शिवसेना के केंद्रीय कार्यालय ने पार्टी के सचिव और सांसद विनायक राउत के हस्ताक्षर वाला एक पत्र जारी किया गया। इसमें शिवसेना प्रमुख उद्ध‌व ठाकरे के आदेश से पार्टी के दो नेताओं आनंदराव अडसूल और रामदास कदम को पार्टी विरोधी गतिविधि के आरोप में पार्टी से निष्कासित करने का ऐलान किया गया। कदम के विधायक पुत्र योगेश कदम पहले से ही बागी शिंदे गुट में शामिल हैं।

सांसद बनाएंगे अलग गुट
शिवसेना के एक सांसद ने सोमवार को दावा किया कि पार्टी के 19 में से कम से कम 12 सांसद लोकसभा में एक अलग समूह बनाएंगे और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक औपचारिक पत्र सौंपने के लिए उनसे मिलेंगे। सांसद ने कहा,’मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में हम शामिल हुए। हमने सांसद राहुल शेवाले के नेतृत्व में एक अलग समूह बनाने का फैसला किया है। लोकसभा में वह हमारे समूह के नेता होंगे।’

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सोमवार रात को उद्ध‌व गुट के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके घर पर मुलाकात की। उन्होंने लिखित में गुहार लगाई कि असली शिवसेना उद्ध‌व ठाकरे की है, इसलिए बागी सांसदों की किसी बात पर ध्यान न दिया जाए।

ये सांसद उद्धव के साथ

लोकसभा: विनायक राउत, अरविंद सावंत, गजानन कीर्तिकर, संजय जाधव, ओम राजे निंबालकर और राजन विचारे।

राज्यसभा: संजय राउत, प्रियंका चतुर्वेदी, अनिल देसाई।

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