चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का आरोप, सपा विधायक अबू आजमी ने अधिकारियों पर कार्रवाई और इस्तीफे की मांग की
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए उसके इस्तीफे की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए उसके इस्तीफे की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, आजमी ने कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और उसके कामकाज की सच्चाई सामने आ चुकी है।
मुंबई में अपनी बात रखते हुए उन्होंने देश के संविधान और लोकतंत्र पर खतरे की आशंका जताई। आजमी ने मांग की कि मतदाता सूची में अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर तुकाराम मुंडे जैसे अधिकारी को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी दी जाए, तो काम बेहतर हो सकता है।
इंडिया अलायंस की रैली और गठबंधन पर जोर
अबू आजमी ने 1 नवंबर को होने वाली 'इंडिया' गठबंधन की रैली का समर्थन करते हुए लोगों से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मंच से चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाना चाहिए। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे का अंतिम फैसला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और सोनिया गांधी जैसे वरिष्ठ नेता करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों दल मिलकर यूपी में सरकार बनाएंगे, जिससे 2029 में केंद्र में 'इंडिया' अलायंस की सरकार का रास्ता साफ होगा।
आजमी ने अपनी राजनीतिक इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि वह राहुल गांधी को प्रधानमंत्री और अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। उन्होंने दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं से एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी से बचने की भी अपील की।
अन्य मुद्दों पर भी रखी अपनी राय
मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी का बचाव करते हुए आजमी ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने सोनिया गांधी के लिए अतीत में इस्तेमाल किए गए 'जर्सी गाय' जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के लिए सिर्फ खड़गे को निशाना बनाना उचित नहीं है।
इमरान खान का मामला: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े कानूनी मामले पर उन्होंने कहा कि अगर अदालत के पास तत्काल सुनवाई का समय नहीं है, तो फैसला आने तक उन्हें अंतरिम राहत या स्टे दिया जाना चाहिए।
इनपुट: IANS



