स्पेन ट्रेन हादसा: मैड्रिड में हिंसक प्रदर्शन, प्रधानमंत्री सांचेज और परिवहन मंत्री के इस्तीफे की मांग
स्पेन में बुधवार को हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद राजधानी मैड्रिड की सड़कों पर हज़ारों लोग उतर आए, जिससे हिंसक झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते…
स्पेन में बुधवार को हुए भीषण ट्रेन हादसे के बाद राजधानी मैड्रिड की सड़कों पर हज़ारों लोग उतर आए, जिससे हिंसक झड़पें हुईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विरोध प्रदर्शन देर रात तक चला और इसमें पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प भी हुई।
स्पेन की समाचार एजेंसी EFE के अनुसार, मैड्रिड में 1,000 से ज्यादा लोगों ने इस सरकार-विरोधी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। दक्षिणपंथी 'फालान्ज' पार्टी और 'रेवुएल्टा' जैसे समूहों द्वारा आयोजित इस रैली में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे सुरक्षा में हुई चूक के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने परिवहन मंत्री पुएंते को 'मौत का मंत्री' तक कह डाला।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब कुछ लोगों ने पुलिस की घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की। इसके जवाब में दंगा-रोधी पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर खाली बोतलें और पटाखे फेंके, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। 'वॉक्स' से जुड़े संगठन 'सोलिदारिदाद' ने भी एक अलग प्रदर्शन का आयोजन किया था।
हादसे की वजह और नुकसान
यह प्रदर्शन मैड्रिड के दक्षिण में उर्डा शहर के पास बुधवार सुबह हुए दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर के बाद हुआ। इस दर्दनाक हादसे में 68 लोगों की मौत हो गई और 180 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। स्पेन के सरकारी प्रसारक आरटीवीई के अनुसार, हादसा तब हुआ जब सरकारी कंपनी रेनफे की एक ट्रेन, निजी कंपनी इर्यो की पटरी पर खड़ी ट्रेन से टकरा गई। इन ट्रेनों की रफ़्तार आमतौर पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज़्यादा होती है।
शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि रेल सुरक्षा सिस्टम में खराबी आने के बाद कंट्रोल सेंटर ने एक ट्रेन को दोबारा चलने की अनुमति दे दी थी, जिसके कारण यह टक्कर हुई। गौरतलब है कि इस साल स्पेन में हाई-स्पीड रेल से जुड़ा यह दूसरा बड़ा जानलेवा हादसा है। इससे पहले जनवरी में अडामूज के पास एक ट्रेन के पटरी से उतर जाने के कारण हुए हादसे में 46 लोगों की जान चली गई थी।
इनपुट: IANS



