आज है विश्व जल दिवस

0

पानी यानी कि जीवन का दूसरा नाम. ज़िन्दगी को जीने के लिए अगर हवा के अलावा कोई और चीज़ चाहिए तो वो है पानी. बिना कुछ खाए इन्सान कुछ दिन तक तो जिंदा रह सकता है लेकिन बिना पानी के जिंदा रहना बेहद मुश्किल काम है. आज यूनाइटेड नेशन द्वारा घोषित विश्व जल दिवस है.

वैसे तो पूरे पृथ्वी के लगभग सत्तर फीसदी हिस्से पर पानी ही पानी है, लेकिन इंसानी ज़रूरतों को पूरा करने लायक पानी इस धरती पर बेहद कम मात्र में मौजूद है. आज भी पूरे विश्व में करोडो लोग दूषित और हानिकारक पानी पीने के लिए मजबूर हैं. भारत के ही कई ग्रामीण इलाको में पानी की इतनी किल्लत है कि आज भी घर की महिलाओं को पीने लायक पानी(जो की साफ़ नही है) लाने कई किलोमीटर दूर तक जान पड़ता है. ऐसी स्थिति में जब आप वाशरूम का फ्लश आन कर के लगभग 5 से 8 लीटर पानी बहाते हैं, तो इन करोड़ो लोगों के बारे में सोचा है?

सऊदी अरब का एक डिसेलीनेशन प्लांट

अगर हम पूरे विश्व की बात करे तो पाएंगे कई देश ऐसे भी हैं जिनके पास न तो कोई कुआं है, न ही नदी फिर भी उन्होंने टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसे इजाद किये है कि उनके पूरे देश को पानी की कमी से जूझना नही पड़ता है. ऐसा ही एक देश है सऊदी अरब. सऊदी अरब में ताजे पानी का कोई श्रोत मौजूद नही है, लेकिन डिसेलीनेशन और अकवीफर्स की मदद से इन्होने पानी की उपलब्धता निश्चित की है.

जॉर्डन में पानी के लिए लगी लाइन

इसके अलावा ऐसे देश भी है जहाँ पर साफ़ पानी से मरहूम लोग गन्दा पानी पीने के लिए मजबूर हैं. जैसे लीबिया, यमन, जॉर्डन. इन देशो में पीने का साफ़ पानी तक मौजूद नही है. ऐसी स्थिति में आप सोच सकते हैं कि हालत क्या होती होगी.

वैसे भी भारत में एक बहुत पुरानी कहावत है, “बिन पानी सब सून”. पानी को बचाना एक बेहद ज़रूरी काम है, और हम सभी को पानी के प्रयोग को लेकर सतर्क होने की ज़रूरत है. नहीं तो बिना पानी के सब कुछ सूना होते देर नहीं लगेगी.