टीपू सुल्तान देशद्रोही थे? मालेगांव के नारों पर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इतिहास पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र के मालेगांव में एक प्रदर्शन के दौरान लगे 'टीपू वाली आजादी' के नारों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या टीपू सुल्तान देशद्रोही…
महाराष्ट्र के मालेगांव में एक प्रदर्शन के दौरान लगे 'टीपू वाली आजादी' के नारों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या टीपू सुल्तान देशद्रोही थे, साथ ही यह भी कहा कि उनके इतिहास को गलत तरीके से पेश किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान वडेट्टीवार ने कहा कि किसी की तस्वीर लगाने भर से कोई राष्ट्रद्रोही नहीं हो जाता।
कांग्रेस नेता ने देश के मौजूदा माहौल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "इस समय देश में जिस तरह का माहौल है, उसे देखकर अगर कोई आजादी की मांग करता है तो सवाल यह आता है कि क्या आज हम लोग लोकतंत्र में हैं? क्या हम संविधान को मानते हैं?" उन्होंने कहा कि आंदोलन करने या किसी की तस्वीर लगाने वाले को नक्सली नहीं करार दिया जाना चाहिए।
सरकार की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल
वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार के काम करने के तरीके को मनमाना बताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा परिसीमन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को लिखे पत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष भी उतना ही मजबूत है, इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया, "सरकार डरती क्यों है, क्योंकि सरकार ने गलत किया है।"
आंदोलनकारियों के हिरासत पर प्रतिक्रिया
दिल्ली में तिरंगा रैली से पहले कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की घटना पर भी विजय वडेट्टीवार ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन करने वालों को दबा रही है और गिरफ्तार कर रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "जितना सरकार इस तरह से दबाएगी तो यह आंदोलन बढ़ता जाएगा। जिस तरह लोगों को गिरफ्तार करेंगे और पीटेंगे तो लोगों का आक्रोश भी इस सरकार को देखना पड़ेगा।"
इनपुट: IANS



