टीपू सुल्तान पर कांग्रेस नेता के बयान से महाराष्ट्र में सियासी घमासान, भाजपा और शिवसेना ने बताया 'विलेन'
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के एक बयान के बाद सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें…
महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार के एक बयान के बाद सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने टीपू सुल्तान को स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि भारत को 'बर्बाद करने वाला विलेन' बताया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा विवाद मालेगांव में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान लगे नारों से शुरू हुआ।
शनिवार को इस मुद्दे पर तब और तूल पकड़ा जब कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने टीपू सुल्तान का बचाव किया। उन्होंने कहा, "क्या टीपू सुल्तान देशद्रोही था? उसके इतिहास को गलत तरीके से पेश किया गया। छत्रपति शिवाजी महाराज सहित उस दौर के राजा देशद्रोही नहीं थे।" वडेट्टीवार ने आगे कहा कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों को आंदोलन करने या किसी का फोटो लगाने पर राष्ट्रद्रोही, आतंकी या नक्सली नहीं कहा जाना चाहिए।
भाजपा-शिवसेना का तीखा पलटवार
कांग्रेस नेता के इस बयान पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने IANS से कहा, "टीपू सुल्तान कोई स्वतंत्रता सेनानी नहीं है। वह विलेन थे, जिन्होंने भारत को बर्बाद किया और महिलाओं का बलात्कार किया। कांग्रेस पार्टी उन्हें ऐसे प्रस्तुत कर रही है, जैसे वे औपनिवेशिक-विरोधी नेता और अत्यंत सक्षम प्रशासक थे।" शाइना एनसी ने यह भी कहा कि धार्मिक उत्पीड़न करने वालों का उद्देश्य लोगों की भलाई नहीं, बल्कि स्वार्थ होता है।
वहीं, भाजपा नेता परिणय फुके ने वडेट्टीवार को इतिहास पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "विजय वडेट्टीवार को पहले इतिहास पढ़ लेना चाहिए। टीपू सुल्तान ने कितने हिंदुओं को मारा और कितने हिंदुओं का कत्लेआम किया, यह इतिहास में दर्ज है।"
विवाद की जड़ में मालेगांव का प्रदर्शन
यह विवाद मालेगांव में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए एक विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ था। आरोप है कि इस दौरान 'हमें चाहिए आजादी, टीपू वाली आजादी' जैसे नारे लगाए गए थे। भाजपा नेता परिणय फुके ने इस प्रदर्शन को लेकर दावा किया कि यह मतदाता सूची से हटाए गए मुस्लिम रोहिंग्याओं का आंदोलन था, जिसका उद्देश्य देश में अराजकता फैलाना है। उन्होंने कहा, "जिस तरह राहुल गांधी इस देश में 'रिजीम चेंज' करने और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उसी तरह उनके शिष्य विजय वडेट्टीवार कर रहे हैं।"
इनपुट: IANS



