सड़कों, शहरों का नाम बदलने के बाद अब मोदी सरकार करने जा रही है ये बड़ा बदलाव

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नई दिल्ली: काफी समय से हम देखते आ रहें है कि सरकार द्वारा शहरों और सडकों के नाम तेजी से चेंज हो रहें है. अब इस लिस्ट में शहरों और सडकों के बाद कोर्ट के नाम को बदलने का सिलसिला भी देखा जा रहा है.

मद्रास, कलकत्ता और बंबई के ऐतिहासिक उच्च न्यायालयों के नाम चेंज हो सकते है

बता दें कि मद्रास, कलकत्ता और बंबई के ऐतिहासिक उच्च न्यायालयों के नाम चेंज हो सकते है जिसको लेकर केंद्रित और विधेयक मुश्किलों में घिरा है. उच्च न्यायालय  (नाम में परिवर्तन) विधेयक, 2016 कलकत्ता, मद्रास और बंबई उच्च न्यायालयों के नाम कोलकाता, चेन्नई और मुंबई उच्च न्यायालय करने के लिए 9 जुलाई, 2016  को लोकसभा में पेश किया जाना था.

तमिलनाडु सरकार ने केंद्र से मद्रास उच्च न्यायालय का नाम चेन्नई उच्च न्यायालय जैसा विधेयक में प्रस्तावित है कि जगह पर तमिलनाडु उच्च न्यायालय करने का आग्रह किया गया है. दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय  को चेंज कर कोलकाता उच्च न्यायालय करने के लिए सहमत है लेकिन उच्च न्यायालय इस नाम पर खुद सहमत नहीं है.

पी पी चौधरी का बयान 

आपको बता दें कि दिसंबर, 2016 में केंद्रीय कानून राज्यमंत्री पी पी चौधरी ने लोकसभा के लिखित जवाब में कहा था कि पुराना विधेयक संशोधित करना होगा और नया विधेयक पेश करना होगा. उन्होंने आगे कहा तह कि केंद्र सरकार ने नए विधेयक को अंतिम रूप देने के लिए उच्च न्यायालयों और संबंधित राज्यों का विचार मांगा है. ये ही नहीं नए विधेयक को अंतिम रूप सदन में देने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती है.

वहीं कानून मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस संबंध में किसी प्रकार की कोई प्रगति नहीं हुई है और 11 दिसंबर से शुरू प्रारंभ हो रहे शीतकालीन सत्र में नए विधेयक के लाए जाने की संभावना नहीं है. कलकत्ता उच्च न्यायालय भारत का पहला उच्च न्यायालय है जो भारत में बंबई और मद्रास उच्च न्यायालयों  के साथ तीन चार्टर्ड उच्च न्यायालयों में एक है और वो औपचारिक रूप से साल1862 में शुरू हुआ था. बता दें कि इलाहाबाद को प्रयागराज और फैजाबाद को अयोध्या नाम किया जाना है और इसके बाद कई शहरों के नाम बदलने की मांग उठने लगी है.