इन 8 तरह की आवाजों के बारें में आज तक दुनिया नहीं लगा पायी है पता

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इन 8 तरह की आवाजों के बारें में आज तक दुनिया नहीं लगा पायी है पता

दुनिया में कई चीजें ऐसी है जो आज भी मानव जाति के लिए अबूझ बनी हुई हैं। दुनिया के वैज्ञानिक चाहे जितनी खोज और तरक्की कर लें लेकिन अभी भी कुछ मिस्टीरियस चीजें हैं जो विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया है। हम अक्सर रहस्मयी जगह, लोग और जानवर के बारें में सुनते आये हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 8 रहस्मयी आवाजों के बारें में- आइये इसे विस्तार से जानते हैं

1- THE Bloop

1997 में National oceanic and atmospheric adminstration के शोधकर्ताओं ने प्रशांत महासागर की गहराई में एक आवाज सुनी। यह ऐसी थी कि जैसे किसी ज्वालामुखी के फूटने पर होती है। शोधकर्ताओं ने कई बार आवाज को ‘हाइड्रोफोन’ के जरिए रिकॉर्ड किया। हाइड्रोफोन को समुद्र के 3,219 फ़ीट नीचे लगाया गया। इसने ऐसी गड़गड़ाहट रिकॉर्ड की जिसे पहले किसी ने नहीं सुना था।

इसके बाद वैज्ञानिको ने पता लगाना शुरू किया कि आखिर ये आवाज कहा से आ रही है। यह इतना आसान नहीं था क्योकि समुद्र का 95% हिस्सा आज भी रहस्य्मयी है। वैज्ञानिको ने इस अजीब आवाज के सोर्स के बारे में पता लगाना शुरू किया। कई सारे तथ्य दिए गए जैसे मानव निर्मित पनडुब्बी, समुद्र के अंदर होने वाले बड़े-बड़े मिलिट्री मिशन, शिप मशीन या व्हेल मछली के कारण यह आवाज इको के जरिये हो सकती है। लेकिन यह दावा सही नहीं था क्योकि समुद्र के इतने नीचे जहाँ अगर पृथ्वी पे बम फटे तो भी आवाज न जाए, वहाँ इन सब चीज़ों की आवाज कैसे जा सकती है।

आखिरकार 2005 में शोधकर्ताओं ने ब्लूप साउंड की ओरिजिन अंटार्टिका के बर्फीले पहाड़ों के पास था। वैज्ञानिको का मानना है कि ये आवाज बर्फ के पहाड़ों से टूटने से आ रही थी। क्योकि अंटार्टिका में ग्लोबल वार्मिंग के कारण बर्फ पिघल रही है और बर्फ के बड़े बड़े टुकड़े टूट रहें हैं उन्ही की आवाज समुद्र के इतने नीचे जा रही थी।

2- मारियाना ट्रेंच में गूंजती आवाजे

मारियाना ट्रेंच धरती की सबसे गहरी जगह है। यह पश्चिमी प्रशांत महासागर में मारियाना द्वीप से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व में स्थित है। यह अर्धचंद्राकार आकार में बनी है और इसकी लंबाई लगभग 2,550 किमी और चौड़ाई 69 किमी है।

मारियाना ट्रेंच इतनी गहराई में है कि यहाँ पर सूरज की रोशनी तो छोड़ो यहाँ पर कोई आवाज भी नहीं होती है लेकिन वैज्ञानिक उस समय चौक गए जब 2014 में यह एक रहस्मयी आवाज को समुद्री रोबोट के जरिये रिकॉर्ड की गयी। ये रोबोट समुद्र के नीचे 3,280 फीट (1,000 मीटर) तक गोता लगा सकते है। वैज्ञानिक नीयूकिर्क और उनके सहयोगियों ने 2014 और 2015 में इन रोबोट के जरिये साउंड का डेटा इकठ्ठा किया।

इन वैज्ञानिकों का मानना था ये आवाजें baleen व्हेल की थी। इनकी और कुछ मैनमेड आवाजे जब मिल जाती है तो मारियाना ट्रेंच की गहराई में ये आवाजें गूंजती रहती है और से रहस्मयी बना देती हैं। सुनिए इस आवाज को-

3- Aquatic Choirs

ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में कर्टिन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 18 महीने तक पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में पोर्ट हेडलैंड के तट से एक मछली की प्रजाति की आवाज रिकॉर्ड की है। यह आवाज ब्लैक ज्वेलफिश थी। इनकी आवाज “बा बा बा” जैसी थी।सुनिए इस आवाज को-

वैज्ञानिकों द्वारा रिकॉर्ड की गयी आवाज एक ही मछली की थी जो बार-बार एक आवाज को दोहरा रही होती है। उसके साउंड की ओवरलैपिंग से यह आवाज आ रही थी। जब इसी प्रजाति की कई मछलियाँ एक साथ ऐसी आवाजें करनी लगती है तो इसकी आवाजें ओवरलैपिंग होके डरावनी लगने लगती है।

4- The Hum

दुनिया भर में ऐसी कई जगह है जहाँ पर लोगों ने इस तरह की आवाज सुनी है। दुनिया में लगभग दो प्रतिशत आबादी ही इसे सुन सकती है, आम तौर पर यह डीजल ट्रक इंजन की आवाज की तरह होती है।

न्यू मैक्सिको सहित कई प्रसिद्ध शहर हैं; जैसे विंसदोर, ओंटारियो; ऑकलैंड, न्यूज़ीलैंड; और ब्रिस्टल, इंग्लैंड। जहाँ के लोगों ने दशकों से इस आवाज को सुना है। यह आवाज लो फ्रीक्वेंसी की होती है लेकिन यह बहुत ही इरिटेटिंग होती है। 1970 के दशक में ब्रिटेन के लोगों ने ऐसी आवाजों को सुनने की बात कही थी।

जब इस आवाज पर शोध हुआ तो शोधकर्ताओं ने बताया कि समुद्र की सतह को प्रभावित करने वाली लंबी समुद्र की लहरों से होने वाली माइक्रोसेमिक गतिविधि हमारे ग्रह में कंपन करती है और ड्रोनिंग ध्वनि पैदा करती है।

समुद्र की सतह पर लहरों का दबाव भूकंपीय तरंगों को उत्पन्न करता है। ये तरंगें 13 से 300 सेकंड तक चलने वाली ध्वनियाँ उत्पन्न करती हैं। इन्हे भूकंपीय उपकरणों और उन लोगों द्वारा सुना जा सकता है जिनके कान इस आवाज के प्रति संवेदनशील हैं।

5- World’s Loneliest Whale

कहा जाता है कि दुनिया में एक ऐसी व्हेल है जिसे ’52-हर्ट्ज व्हेल’ कहा जाता है जो पूरे समुद्र में अकेली घूमती रहती है। वैज्ञानिको ने इस व्हेल को 25 सालों तक ट्रैक किया। इसकी जैसी व्हेल कोई और नहीं मिली। यह न तो फिन व्हेल है और न ही ब्लू व्हेल है। यह एक ऐसी आवाज निकालती है जो 52-हर्ट्ज की आवृति पर सुना जा सकता है। सामान्य व्हेल 10 से 40 हर्ट्ज की आवृति की आवाज करती हैं।

वैज्ञानिकों ने यह भी पता लगाया कि यह व्हेल अगस्त से दिसम्बर तक प्रशांत महासागर में रहती है उसके बाद यह जनवरी फ़रवरी में वहाँ से चली जाती है।

6- The Buzzer या UVB 76

UVB 76 एक रेडियो स्टेशन है जो रूस में स्थित है। यह 4625 किलोहर्ट्ज़ पर ब्रॉडकास्ट होता है। यह दिन-रात एक लो फ्रीक्वेंसी की तरंग उत्पन्न करता है जो हर मिनट 25 बार रिपीट होती है। दिलचस्प बात यह है कि हर महीने में एक कोडेड मैसेज रिलेटेड आवाज द्वारा इसकी फ्रीक्वेंसी को बंद किया जाता रहा है। इसमें कई बार एक महिला के चिल्लाने की आवाज भी होती है। यह सन्न 1973 में जानकारी में आया।

इस मैसेज के बारें में कोई कुछ नहीं जानता है। ऐसा कहा जाता है कि इस स्टेशन को रुसी मिलिट्री द्वारा प्रयोग में लाया जाता है। दूसरों का सुझाव है कि यह परमाणु युद्ध के लिए एक जवाबी हमला हो सकता है। इस रेडियो स्टेशन के बारें में रूस की सरकार ने अभी तक कुछ नहीं कहा है।

लेकिन यह Buzzer जो कर रहा है, या जो इसे प्रसारित कर रहा है, वह एक रहस्य बना हुआ है। हो सकता है कि यह स्टेशन दुनिया भर के जासूसों और सैन्य समूहों तक डेटा पहुंचा रहा हो। लोग इस स्टेशन और इससे निकलने वाले कोडेड मैसेज के बारें में तरह तरह की बाते बताते हैं।

7- Sounds of the Northern Lights

पृथ्वी के उत्तरी भाग में स्थित Northern Lights न केवल देखने में अच्छे लगते है बल्कि यह अपनी इस सुंदरता पर खुद की तारीफ भी करते हैं वो एक अलग तरह की आवाज निकालके। एक अध्धयन में यह बात पता चली चली है कि यहाँ पर एक अजीब तरह की आवाज निकलती है।

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शोधकर्ताओं ने कहा कि एक ही ऊर्जावान कण, जो पृथ्वी के वायुमंडल में उच्च स्तर पर नाचने वाली चमकदार रोशनी पैदा करते हैं, जमीन से 230 फीट (70 मीटर) दूर “क्लैपिंग” की आवाज करते हैं। आवाज को सुने-

8- moon म्यूजिक

अपोलो 10 के अंतरिक्ष यात्री यूजीन सेरनन और जॉन यंग ने अपने मिशन के दौरान एक आवाज सुनी थी जो उन्हें बहुत अजीब लगी थी। सुनिए ये आवाज

नासा को इस आवाज का सोर्स आज तक नहीं पता चला पाया है।