Advertising
Home देश दो साल में ही 18 करोड़ से 10 हजार करोड़ रुपये के...
Advertising
<

दो साल में ही 18 करोड़ से 10 हजार करोड़ रुपये के पार चला गया इस म्यूचुअल फंड का AUM

379
दो साल में ही 18 करोड़ से 10 हजार करोड़ रुपये के पार चला गया इस म्यूचुअल फंड का AUM

दो साल में ही 18 करोड़ से 10 हजार करोड़ रुपये के पार चला गया इस म्यूचुअल फंड का AUM

हाइलाइट्स:

  • कोरोना काल में भी शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों की कमी नहीं है
  • तभी तो बांबे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 50 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी पार कर गया है
  • इसका असर म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री पर भी पड़ा है
  • देश की दूसरी सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी ICICI प्रूडेंशियल फंड की एक स्कीम का एयूएम दो साल में ही 18 करोड़ रुपये से 10 हजार करोड़ के पार चला गया

मुंबई
कोरोना काल (Corona Period) में भी शेयर बाजार (Share Market) में पैसे लगाने वालों की कमी नहीं है। तभी तो बांबे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) 50 हजार के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी पार कर गया है। यही हालत म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री (Mutual Fund Industry) की भी है। देश की दूसरी सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी ICICI प्रूडेंशियल के असेट अलोकेटर फंड ऑफ फंड (Asset Allocator Fund) का असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 10,731 करोड़ रुपए हो गया है। आश्चर्यजनक यह है कि 2 साल पहले यह केवल 18 करोड़ रुपए था।

ये फंड होते हैं डायनॉमिक असेट अलोकेशन फंड
दरअसल, इस तरह के फंड डायनॉमिक असेट अलोकेशन फंड होते हैं। ICICI प्रूडेंशियल ने इस फंड के सेक्टर में अच्छी शुरुआत की है। आंकड़े बताते हैं कि फरवरी 2019 में इस फंड का AUM सिर्फ 18 करोड़ रुपए था। पर यह दो सालों में सैकड़ों गुना बढ़ कर 30 अप्रैल 2021 को 10,731 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। दरअसल एक सिंगल फंड के जरिए निवेशक ढेर सारे असेट क्लास में निवेश करते हैं। इसमें इक्विटी, डेट और सोने जैसी परिसंपत्तियां होती हैं। इसमें हर असेट क्लास में शून्य से 100 फीसदी तक निवेश करने का अवसर होता है। यह इन हाउस वैल्यूएशन मॉडल पर तय होता है।

यह भी पढ़ें: स्वर्ण बॉन्ड की दूसरी श्रृंखला के लिये निर्गम मूल्य 4,842 रुपये प्रति ग्राम

इक्विटी में घटता बढ़ता है निवेश
साल 2020 की शुरुआत में इस इन हाउस मॉडल (In house model) ने इक्विटी में 40 फीसदी तक निवेश किया था। जब कोरोना काल के दौरान बाजार में गिरावट आई तो इसने इसे बढ़ाकर 83 फीसदी तक कर दिया। यानी बाजार नीचे होता है तो उसमें ज्यादा निवेश करता है। जब ऊपर होता है तो निवेश कम कर देता है। हालांकि अप्रैल 2021 में इक्विटी में निवेश घट कर 37 फीसदी हो गया क्योंकि बाजार ऊपर की ओर है। इस मॉडल का असर फंड के प्रदर्शन पर भी दिखता है। इसकी वजह से एक साल में इसने 42.7 फीसदी का फायदा निवेशकों को दिया है, जबकि इसी दौरान इसने इक्विटी में निवेश में 58 फीसदी की कमी की है। इसका रिटर्न इसके बराबर के फंड हाउसों की तुलना में 7 फीसदी ज्यादा है। यह रुझान इसका दो सालों में भी रहा है।

इस समय बढ़ा है डेट में इंवेस्टमेंट
अप्रैल 2020 में इसके पोर्टफोलियो का 52 फीसदी हिस्सा डेट (Debt) में लगा था जबकि 36 फीसदी इक्विटी में। इसके 6 फीसदी हिस्से का निवेश सोने में भी था। इक्विटी की बात करें तो यह मूल रूप से बड़ी और मध्यम कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है। सेक्टर की बात करें तो यह बैंकिंग, इंफ्रा, हेल्थकेयर, एफएमसीजी और कमोडिटी पर फोकस करता है। इसमें निवेशक अगर एकमुश्त निवेश करता है तो भी यह बेहतर रिटर्न देता है। दीर्घ अवधि में फाइनेंशियल लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह फंड बेहतर प्रदर्शन करता है।

यह भी पढ़ें: पतंजलि दिव्य कांति लेप का प्रयोग और फायदा ?

Today latest news in hindi के लिए लिए हमे फेसबुक , ट्विटर और इंस्टाग्राम में फॉलो करे | Get all Breaking News in Hindi related to live update of politics News in hindi , sports hindi news , Bollywood Hindi News , technology and education etc.

Source link

Advertising